झारखंड में टीकाकरण के बाद स्वास्थ्यकर्मी की मौत, टीका वजह नहीं

झारखंड में टीकाकरण के बाद स्वास्थ्यकर्मी की मौत, टीका वजह नहीं

झारखंड में टीकाकरण के बाद स्वास्थ्यकर्मी की मौत, टीका वजह नहीं
Modified Date: November 29, 2022 / 08:02 pm IST
Published Date: February 3, 2021 9:28 am IST

रांची, तीन फरवरी (भाषा) रांची के अस्पताल में कार्यरत एक स्वास्थ्यकर्मी की कोविड-19 का टीका लेने के लगभग 36 घंटे बाद मंगलवार रात मौत हो गयी। हालांकि, अधिकारियों ने स्वास्थ्यकर्मी की टीका की वजह से मौत की बात से इनकार किया है।

मेदांता के सीईओ डॉ. पंकज साहनी ने बताया, ‘‘अस्पताल में कार्यरत मन्नू पाहन को एक फरवरी को ‘कोविशील्ड’ टीका लगाया गया था। टीका लगाये जाने के बाद मन्नू का स्वास्थ्य ठीक था और वह रांची से लगभग बीस किलोमीटर दूर ओरमाझी स्थित अपने गांव चले गए थे।’’

उन्होंने बताया कि मंगलवार देर रात पाहन की तबीयत खराब हो गयी और अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गयी।

झारखंड में कोविड-19 के टीकाकरण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अजित प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी की मौत के कारणों की जांच की जा रही है। राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में शव का अंत्यपरीक्षण एक चिकित्सा बोर्ड करेगा।

उन्होंने बताया कि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि स्वास्थ्यकर्मी की मौत कोविड-19 का टीका लगाने के कारण ही हुई है। मेदांता अस्पताल के कुल 151 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया था। जिस शीशी से पाहन को टीका लगाया गया उससे नौ अन्य कर्मियों का भी टीकाकरण हुआ था लेकिन वे सभी स्वस्थ हैं।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में संक्रमण के 59 नए मामले आए हैं। नए मामलों के साथ राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 1,18,793 हो गयी है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण से दो और लोगों की मौत हो गयी।

अब तक 1,17,229 लोग ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा 489 अन्य संक्रमितों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। संक्रमण से अब तक 1,075 लोगों की मौत हुई है।

भाषा इन्दु सुरभि

सुरभि


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