छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा की विपक्ष की मांग के बाद संसदीय समिति की बैठक में तीखी बहस

छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा की विपक्ष की मांग के बाद संसदीय समिति की बैठक में तीखी बहस

छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा की विपक्ष की मांग के बाद संसदीय समिति की बैठक में तीखी बहस
Modified Date: August 25, 2026 / 08:22 pm IST
Published Date: August 25, 2026 8:22 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) छात्रों द्वारा 20 जुलाई को किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग पर चर्चा की विपक्षी सदस्यों की मांग पर मंगलवार को संसद की एक समिति की बैठक में तीखी बहस हुई। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

कांग्रेस सदस्य अजय माकन ने गृह मामलों से संबंधित स्थायी संसदीय समिति की बैठक के दौरान इस मामले को उठाया, जहां ‘‘बच्चों के खिलाफ अपराध’’ विषय पर विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों के विचार प्रस्तुत किए जाने थे।

सूत्रों ने बताया कि माकन ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के मुद्दे पर चर्चा की जानी चाहिए लेकिन समिति के अध्यक्ष राधामोहन दास अग्रवाल ने इसकी अनुमति नहीं दी और कहा कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है।

यह बहस लगभग एक घंटे तक चली जिसमें कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाद्रा और जय प्रकाश, शिवसेना-उबाठा के संजय राउत, राजद के संजय यादव और आईयूएमएल के हारिस बीरन सहित कई विपक्षी सदस्यों ने भी मांग की कि बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाए।

माकन और अन्य सदस्यों ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन, कील लगे डंडे और लाठियों के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया। 20 जुलाई को छात्र पेपर लीक मुद्दे पर संसद की ओर मार्च कर रहे थे।

इस मांग को खारिज करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि बैठक के लिए पहले से तय एजेंडे पर ही चर्चा होगी और कई मंत्रालयों के अधिकारी बच्चों के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर अपने विचार रखेंगे।

अध्यक्ष ने अपने फैसले में कहा कि समिति बाद की किसी तारीख पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के संबंध में मानक संचालन प्रक्रियाओं पर चर्चा करेगी। इस फैसले के बाद विपक्षी सदस्य शांत हो गए।

इससे पहले अन्य विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर चर्चा की माकन की मांग का समर्थन करते हुए तर्क दिया कि यह ‘‘बच्चों के खिलाफ अपराध’’ की श्रेणी में आता है।

सूत्रों ने बताया कि समिति के अध्यक्ष ने उनकी मांग नहीं मानी और व्यवस्था दी कि अदालत में विचाराधीन मामलों पर संसदीय समिति की बैठकों में चर्चा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर उच्चतम न्यायालय विचार कर रहा है और उसने इस मामले में एक समिति भी गठित कर दी है।

सूत्रों के मुताबिक, माकन ने पांच अगस्त को समिति की बैठक में अध्यक्ष को एक पत्र सौंपा था जिसमें कहा गया था कि इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए क्योंकि यह बच्चों से जुड़ा है और बच्चों के खिलाफ पैलेट गन, लाठी आदि का इस्तेमाल अपराध की श्रेणी में आता है।

उन्होंने बताया कि भाजपा सदस्य तरुण चुग और कांग्रेस के जय प्रकाश के बीच भी बहस हुई। चुग ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों का मुद्दा उठाया, जिस पर कांग्रेस सदस्य ने भाजपा सरकार के दौरान हरियाणा में हुए कथित अत्याचारों का आरोप लगाया।

यह बैठक बच्चों के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर श्रम और रोजगार मंत्रालय; शिक्षा मंत्रालय के तहत स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग; सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के विचार जानने के लिए बुलाई गई थी।

भाषा अविनाश नरेश

नरेश


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