एचएचआरसी ने पुलिस पर हिरासत में यातना और जबरन वसूली के आरोपों का संज्ञान लिया
एचएचआरसी ने पुलिस पर हिरासत में यातना और जबरन वसूली के आरोपों का संज्ञान लिया
चंडीगढ़, पांच जुलाई (भाषा) हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने अंबाला छावनी के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) स्टेशन के अधिकारियों के खिलाफ मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन की शिकायत का संज्ञान लिया है। इन आरोपों में गैर-कानूनी हिरासत, हिरासत में यातना, शारीरिक हमला, अपमान, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और आधिकारिक पद का दुरुपयोग शामिल है।
आयोग ने सिफारिश की है कि इस मामले की उच्च-स्तरीय जांच कराई जाए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे 20 जून को पूछताछ के लिए अंबाला छावनी के जीआरपी थाने बुलाया गया था। उसके खिलाफ कोई प्राथमिकी, शिकायत या सबूत न होने के बावजूद, उसे कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वह व्यक्ति चांदी की वस्तुओं की आपूर्ति के कारोबार से जुड़ा है और अपने काम के सिलसिले में अक्सर दिल्ली और पंजाब के बीच यात्रा करता है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जिस ट्रेन में वह यात्रा कर रहा था, उसके एक दूसरे कोच में सोना चोरी होने की घटना के बाद, उसे 20 जून को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था।
आरोप है कि पूछताछ में सहयोग करने के बावजूद उन्हें यातना दी गईं और गैर-कानूनी रूप से हिरासत में रखा गया।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने एक जुलाई के एक आदेश में आरोपों की निष्पक्ष एवं गहन जांच के आदेश दिये।
एचएचआरसी ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करें कि जांच पुलिस महानिरीक्षक के पद से नीचे के अधिकारी द्वारा न की जाए।
भाषा शफीक दिलीप
दिलीप

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