कोविड-19 टीकों की खुराक के बीच अंतर कम करने संबंधी याचिका की सुनवाई से उच्च न्यायालय का इनकार

कोविड-19 टीकों की खुराक के बीच अंतर कम करने संबंधी याचिका की सुनवाई से उच्च न्यायालय का इनकार

कोविड-19 टीकों की खुराक के बीच अंतर कम करने संबंधी याचिका की सुनवाई से उच्च न्यायालय का इनकार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:32 pm IST
Published Date: February 4, 2022 4:38 pm IST

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें अधिकारियों को कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक और एहतियाती खुराक के बीच के अंतर को नौ महीने से घटाकर तीन महीने करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि यह एक प्रशासनिक निर्णय है और अदालत नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

पीठ ने कहा, ‘‘उच्च न्यायालय विशेषज्ञों के निर्णय में हस्तक्षेप करने से परहेज करेगा।’’ पीठ ने आगे कहा कि जनहित याचिका दायर करने से पहले पर्याप्त कवायद नहीं की गयी।

जब पीठ ने कहा कि वह जुर्माने के साथ याचिका खारिज करने के पक्ष में है, इस पर याचिकाकर्ता दिशांक धवन के वकील ने कहा कि वह याचिका वापस लेने की अनुमति चाहते हैं।

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में अग्रिम मोर्चे के कर्मियों, चिकित्साकर्मियों और वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली दूसरी खुराक और एहतियाती खुराक में नौ महीने के अंतर को घटाकर तीन महीने करने का निर्देश देने की मांग की थी।

भाषा सुरेश अनूप

अनूप


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