शिमला, 21 मार्च (भाषा) गंभीर वित्तीय संकट और राजस्व घाटा अनुदान के बंद होने के कारण, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को अपने मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन के एक हिस्से को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की।
यह घोषणा 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए राज्य बजट प्रस्तुत करते समय की गई। बाद में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम एक अस्थायी उपाय है और राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार होने पर रोकी गई राशि वापस कर दी जाएगी।
सुक्खू ने कहा, ‘‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह केवल एक अस्थायी रोक है, और जैसे ही राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा, यह राशि वापस कर दी जाएगी।’’
बजट वक्तव्य के अनुसार, मुख्यमंत्री के वेतन का 50 प्रतिशत, उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के मंत्रियों के वेतन का 30 प्रतिशत और विधायकों के वेतन का 20 प्रतिशत अगले छह महीनों के लिए रोक दिया जाएगा।
यह रोक राजनीतिक नियुक्तियों और उच्च स्तरीय नौकरशाही पर भी लागू होती है। आयोगों, बोर्डों और निगमों के सभी अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, उप-अध्यक्षों के साथ-साथ सभी सलाहकारों के वेतन में 20 प्रतिशत की कटौती लागू होगी। अधिकारियों में, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त डीजीपी के लिए 30 प्रतिशत की कटौती की गई है।
भाषा
देवेंद्र माधव
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