हिप्र:मुख्यमंत्री सुक्खू ने सुलह निर्वाचन क्षेत्र की महिलाओं के लिए 1,500 रुपये सहायता की घोषणा की

हिप्र:मुख्यमंत्री सुक्खू ने सुलह निर्वाचन क्षेत्र की महिलाओं के लिए 1,500 रुपये सहायता की घोषणा की

हिप्र:मुख्यमंत्री सुक्खू ने सुलह निर्वाचन क्षेत्र की महिलाओं के लिए 1,500 रुपये सहायता की घोषणा की
Modified Date: January 22, 2026 / 07:40 pm IST
Published Date: January 22, 2026 7:40 pm IST

शिमला, 22 जनवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि कांगड़ा जिले के सुलह विधानसभा क्षेत्र की सभी पात्र महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत 1,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान, सुक्खू ने क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूती देने के उद्देश्य से कई कल्याणकारी, विकास और रोजगार पहलों की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि सुलह में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (एचपीएसईबी) का एक प्रभाग शुरू किया जाएगा और भवारना कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार जिले के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य जारी है और प्रभावित लोगों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जाएगा।

सुक्खू ने कहा कि हवाई अड्डे के विस्तार से क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि आएगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं को छोटी-मोटी नौकरियों के लिए भी दिल्ली या चंडीगढ़ जैसे महानगरों में पलायन करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।

उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल्द ही 800 पुलिस कांस्टेबल की भर्ती करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई अग्निवीर योजना के तहत सेवा देने के बाद घर लौटे युवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि इन युवाओं को हिमाचल प्रदेश पुलिस में शामिल किया जाएगा और उन्हें 58 वर्ष की उम्र तक स्थिर रोजगार के साथ-साथ वृद्धावस्था पेंशन योजना (ओपीएस) के लाभ भी दिए जाएंगे।

सुक्खू ने कहा कि अग्निवीर योजना, जो सेवा अवधि को चार वर्ष तक सीमित करती है, ने हिमाचल प्रदेश के कई युवाओं की सेना में भर्ती होने की रुचि कम कर दी है।

उन्होंने कहा, “इसलिए राज्य सरकार ने ऐसे प्रशिक्षित युवाओं को राज्य पुलिस में सेवा करने का अवसर प्रदान करके उनकी दीर्घकालिक रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। हम ऐसी नीतियों में विश्वास नहीं करते जो चार साल बाद युवाओं का भविष्य समाप्त कर दें। हमारी सरकार सुरक्षित रोजगार और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों को लेकर कहा कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान हिमाचल प्रदेश शिक्षा आधारित रैंकिंग में 21वें स्थान पर था।

उन्होंने कहा, “हालांकि, वर्तमान सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण, राज्य अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।”

सुक्खू ने कहा, ‘शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जा रहा है, कक्षा पहली से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू की गई है और 200 से अधिक स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम में परिवर्तित किया जा रहा है।’

उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार को मौजूदा सरकार की तुलना में लगभग 50,000 करोड़ रुपये अधिक धनराशि मिली थी लेकिन वह इसका सही उपयोग करने में विफल रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,000 करोड़ रुपये की लागत से भवन बनाए गए लेकिन वे आज भी खाली पड़े हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बद्दी में लगभग 5,000 बीघा जमीन बड़े उद्योगपतियों को विशेष पैकेज के तहत बहुत कम कीमत पर आवंटित की गई है, जिससे राज्य के राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा सरकार धारा 118 में कोई बदलाव नहीं कर रही है, जो राज्य में कृषि भूमि की बिक्री, उपहार या हस्तांतरण को गैर-कृषकों (बाहरी लोगों) को प्रतिबंधित करती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सोशल मीडिया पर जानबूझकर गलत सूचना फैलाई जा रही है।

भाषा

राखी संतोष

संतोष


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