शह मात The Big Debate: पूजा, नमाज..बारी बारी, भोजशाला में कितनी तैयारी? धार की लड़ाई को क्यों यहां के लोग मिल बैठकर खत्म करते हैं?

MP News : पूजा, नमाज..बारी बारी, भोजशाला में कितनी तैयारी? धार की लड़ाई को क्यों यहां के लोग मिल बैठकर खत्म करते हैं?

शह मात The Big Debate: पूजा, नमाज..बारी बारी, भोजशाला में कितनी तैयारी? धार की लड़ाई को क्यों यहां के लोग मिल बैठकर खत्म करते हैं?

MP News | Photo Credit: symbolic

Modified Date: January 22, 2026 / 11:44 pm IST
Published Date: January 22, 2026 11:44 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने पूजा और नमाज दोनों की व्यवस्था तय की
  • हिंदू पक्ष सुबह और शाम पूजा करेगा, मुस्लिम पक्ष दोपहर में नमाज अदा करेगा
  • प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी दी गई है

भोपाल: MP News मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक नगरी धार की भोजशाला एक बार फिर से सियासत के केंद्र में आ गई है। दरअसल, भोजशाला में वसंत पंचमी पर अखंड पूजा को लेकर हिंदू पक्ष की ओर से लगातार मांग की जा रही थी। इसी सिलसिले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए व्यवस्था दी और कहा कि- हिंदू पक्ष सूर्योदय से दोपहर 12 बजे तक वाग्देवी की पूजा करेगा। मुस्लिम पक्ष 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करेगा। नमाज के बाद हिंदू पक्ष 4 बजे से सूर्यास्त तक दोबारा पूजा कर सकता है। प्रशासन नमाज के लिए -नमाजियों को विशेष क्षेत्र उपलब्ध कराए। इसके अलावा कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को गुरुवार शाम तक, धार के जिला मजिस्ट्रेट को नमाज के लिए आने वाले लोगों की अनुमानित संख्या बताने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिला प्रशासन ने कहा कि- कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।

MP Dhar News सुप्रीम कोर्ट के आदेश और प्रशासन की मुस्तैदी के बीच बीजेपी कांग्रेस दोनों ने न्यायालय के आदेशों का पालन करने, और शांति बनाए रखने की अपील की।

कुलमिलाकर सुप्रीम कोर्ट के भोजशाला में 23 जनवरी को वसंत पंचमी की पूजा और नमाज दोनों की व्यवस्था का आदेश आ चुका है, लेकिन इसके बाद प्रशासन के सामने अब भी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में सवाल ये है कि- प्रशासन ऐसी चुनौती से कैसे निपटेगा? सवाल मुस्लिम पक्ष से भी कि- क्या साल भर में एक दिन आने वाली वसंत पंचमी के लिए उदार हृदय नहीं दिखाया जा सकता था? सबसे बड़ा सवाल ये कि जिस साम्प्रदायिक सौहार्द की बात कही जाती है- क्या अब वो सारे मसले अदालत से ही हल होंगे?

इन्हें भी पढ़ें:


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 8 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।