हिमंत सरकार ने छह लाख चाय बागान श्रमिकों को पांच-पांच हजार रु की वित्तीय सहायता वितरित की

हिमंत सरकार ने छह लाख चाय बागान श्रमिकों को पांच-पांच हजार रु की वित्तीय सहायता वितरित की

हिमंत सरकार ने छह लाख चाय बागान श्रमिकों को पांच-पांच हजार रु की वित्तीय सहायता वितरित की
Modified Date: January 25, 2026 / 07:31 pm IST
Published Date: January 25, 2026 7:31 pm IST

डूमडूमा (असम), 25 जनवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को ‘एटी कोली दुती पाट’ योजना की शुरुआत करते हुए चाय बागान के छह लाख श्रमिकों को पांच -पांच हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि वितरित की।

राज्य सरकार ने चाय बागान मजदूरों को चाय बागानों की ‘लेबर लाइनों’ (श्रमिक बस्तियों) में जमीन का मालिकाना हक देने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही मार्च–अप्रैल में संभावित विधानसभा चुनावों से पहले बड़े चाय जनजाति समुदाय तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से सरकारी नौकरियों और एमबीबीएस सीटों में आरक्षण तथा शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की घोषणा की है।

शर्मा ने चाय उद्योग के केंद्र तिनसुकिया जिले के डूमडूमा में योजना की शुरुआत करने के बाद ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “असम जो भी करता है, बड़े पैमाने पर करता है। आज, छह लाख से अधिक चाय बागान श्रमिकों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में पांच पांच हजार दिए गए। उनकी कड़ी मेहनत ने चाय को असम का पर्याय बना दिया है।’

उन्होंने कहा कि यह योजना ‘असम टी’ के 200 साल पूरे होने के उत्सव के अनुरूप भी है।

शर्मा ने कहा, ‘इस समुदाय ने 200 वर्षों से अधिक समय तक ‘असम टी’ को उसकी विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए अथक परिश्रम किया है और इसे वास्तव में असम का उद्योग जगत से जुड़ाव कहा जा सकता है। राज्य के लोग उनके अतुलनीय योगदान को स्वीकार करते हैं और हमारी सरकार उनके कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का वादा करती है।’

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कहा कि 27 जिलों और 73 विधानसभा क्षेत्रों में फैले 836 चाय बागानों के छह लाख से अधिक चाय बागान श्रमिकों को एकमुश्त वित्तीय सहायता के रूप में 300 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया गया।

इसी कार्यक्रम में, शर्मा ने बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य, सम्मान और कार्यबल के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए ’मोबाइल क्रेच’ और अस्थायी ‘मोबाइल शौचालय’ सेवाओं का भी उद्घाटन किया।

भाषा नोमान नरेश

नरेश


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