गृह मंत्री बताएं कि पूर्वोत्तर के लोगों को राजनीतिक रूप अनाथ क्यों कर दिया गया: कांग्रेस
गृह मंत्री बताएं कि पूर्वोत्तर के लोगों को राजनीतिक रूप अनाथ क्यों कर दिया गया: कांग्रेस
नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह के असम दौरे के बीच शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर प्रदेश के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें यह बताना चाहिए कि पूर्वोत्तर के लोगों को ‘‘राजनीतिक रूप से अनाथ’’ क्यों कर दिया गया है।
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह आरोप भी लगाया कि ‘जाति, माटी, भेटी’ के नारे के साथ सत्ता में आने के बाद भाजपा ने असम की जनता के साथ विश्वासघात किया।
उन्होंने गृह मंत्री से 10 प्रश्न भी किए।
खेड़ा ने कहा, ‘‘सत्ता में 12 साल हो चुके हैं, फिर भी कोच-राजबोंगशी, ताई-अहोम, मोरान, मटक, चुटिया और चाय बागान से जुड़े जनजाति/आदिवासी समुदाय को अभी तक अनुसूचित जनजाति का दर्जा क्यों नहीं मिला? आपकी सरकार ने असम के मूल निवासियों की 1.5 लाख बीघा ज़मीन अपने चहेतों को बेचने की अनुमति क्यों दी? ‘भूमि-बिक्रेता’ हिमंत विश्व शर्मा को खुली छूट क्यों दी गई है?’’
उन्होंने यह सवाल भी किया कि असम के युवाओं को बाहर जाकर भेदभाव झेलने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ता है, असमिया पहचान क्यों कमजोर हो रही है तथा मतदाता सूची से लाखों मूल निवासी मतदाताओं के नाम क्यों गायब हो गए हैं?
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘असम के चाय उत्पादकों के लिए अब तक एमएसपी क्यों नहीं है? क्या आप बड़ी चाय कंपनियों की जेब में हैं? सत्ता में भाजपा के एक दशक बाद भी असम स्वास्थ्य सेवाओं में पीछे क्यों है? क्या आपकी सरकार असम के लोगों की भलाई की परवाह नहीं करती?’’
खेड़ा ने सवाल किया कि असम के पानी में ज़हर कैसे घुल गया तथा जल की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं?
उन्होंने कहा, ‘‘आप ‘जाति, माटी, भेटी’ के नारे के साथ आए थे, फिर जाति को कमजोर किया, माटी को बेच दिया और भेटी से विश्वासघात क्यों किया? असम और पूरे पूर्वोत्तर के लोग राजनीतिक रूप से अनाथ क्यों हो गए हैं?’’
असम में ‘भेटी’ शब्द का उपयोग घर या मातृभूमि के लिए किया जाता है।
कांग्रेस ने यह भी कहा, ‘‘आपकी विदेश नीति की विफलताओं ने बांग्लादेश को चीन के और करीब कर दिया है, जिससे असम के लिए नए सुरक्षा और मानवीय संकट पैदा हो रहे हैं। क्यों?’’
भाषा हक हक मनीषा
मनीषा

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