हिप्र कांग्रेस अध्यक्ष ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को राज्य अधिकारों का उल्लंघन बताया

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हिप्र कांग्रेस अध्यक्ष ने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को राज्य अधिकारों का उल्लंघन बताया

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 09:40 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 09:40 PM IST

शिमला, 26 फरवरी (भाषा) कांग्रेस की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच हुई तीखी झड़प के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को पार्टी की हिमाचल प्रदेश इकाई के अध्यक्ष ने दावा किया कि बिना किसी को सूचित किए व्यक्तियों को पकड़कर ले जाना ‘राज्य के अधिकारों का प्रत्यक्ष उल्लंघन’ है।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष विनय कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी की पुलिस ने तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने और उन्हें ले जाने के लिए राज्य में ‘अवैध रूप से’ प्रवेश किया।

यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘राष्ट्रविरोधी नीतियों’ के खिलाफ नयी दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास और उनके अधिकारों का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में युवा कांग्रेस के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों से मोदी सरकार पूरी तरह से घबरा गई है और इसीलिए कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी तानाशाह की तरह देश की आवाज को दबाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं, लेकिन न तो देश डर रहा है और न ही युवा कांग्रेस कार्यकर्ता।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘‘केंद्र में मोदी सरकार ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा लगता है जैसे देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है, जहां सरकार के खिलाफ बोलने की आजादी नहीं है और विरोध प्रदर्शन करने की भी अनुमति नहीं है।’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हिप्र इकाई के अध्यक्ष राजीव बिंदल ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार उन लोगों का बचाव कर रही है जो दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भारत की वैश्विक छवि धूमिल करने के आरोपी हैं। उन्होंने इसे ‘अभूतपूर्व’ और ‘बेहद चिंताजनक’ बताया।

भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने 20 फरवरी को दिल्ली में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के हॉल नंबर पांच के अंदर सरकार विरोधी नारों से छपी टी-शर्ट उतारकर नाटकीय विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटा दिया।

बुधवार को शिमला में उस समय नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला जब दिल्ली पुलिस की एक टीम ने हिमाचल प्रदेश की राजधानी के पास रोहरू के एक होटल से तीन आईवाईसी कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारियों के बाद दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के पुलिस बलों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध पैदा हो गया, जो बृहस्पतिवार की सुबह उस समय समाप्त हुआ जब दिल्ली की टीम को अंततः तीनों आरोपियों के साथ राष्ट्रीय राजधानी लौटने की अनुमति मिल गई।

शिमला स्थित संबंधित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बावजूद दिल्ली पुलिस की टीम को लगभग पांच घंटे तक ‘रोककर’ रखा गया।

ऊना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिंदल ने तेजी से घटे घटनाक्रम पर कहा कि राज्य सरकार ने वैध गिरफ्तारियां करने आई दिल्ली की टीम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके दोनों पुलिस बलों के बीच टकराव पैदा किया।

बिंदल ने कहा, ‘‘जब कोई राज्य सरकार राजनीतिक हितों के लिए एक पुलिस बल को दूसरे के खिलाफ खड़ा करती है, तो यह संवैधानिक व्यवस्था के खतरनाक उल्लंघन को दर्शाता है।’’

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार पर एआई इम्पैक्ट समिट में भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने के आरोपियों का बचाव करने का आरोप लगाते हुए बिंदल ने कहा कि यह ‘अराजकता से कम नहीं है’’।

भाषा

संतोष माधव

माधव