मानवाधिकार संगठन ने नोएडा में गिरफ्तार श्रमिकों की रिहाई की मांग की

मानवाधिकार संगठन ने नोएडा में गिरफ्तार श्रमिकों की रिहाई की मांग की

मानवाधिकार संगठन ने नोएडा में गिरफ्तार श्रमिकों की रिहाई की मांग की
Modified Date: April 28, 2026 / 05:05 pm IST
Published Date: April 28, 2026 5:05 pm IST

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) नोएडा में मजदूर आंदोलन के खिलाफ पुलिस की कथित दमनात्मक कार्रवाई की निंदा करते हुए, एक लोकतांत्रिक अधिकार संगठन ने मंगलवार को मांग की कि इस दौरान गिरफ्तार किए गए सभी श्रमिकों और कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए।

संगठन ने वेतन संबंधी मांगों को लेकर श्रमिकों को आंदोलन में शामिल होने के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।

जन हस्तक्षेप के संयोजक विकास बाजपेयी और सह-संयोजक अनिल दुबे द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, श्रमिकों के कथित ‘दमन’ के लिए पुलिस, प्रबंधन और प्रशासन जिम्मेदार थे।

संगठन ने बढ़ी हुई न्यूनतम मजदूरी को तत्काल लागू करने और न्यूनतम मजदूरी को जीवन निर्वाह योग्य मजदूरी तक बढ़ाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की।

बयान में कहा गया है कि नोएडा में कथित पुलिस दमन और श्रमिकों की ‘सामूहिक गिरफ्तारी’ की खबरों के बाद, संगठन ने 24 अप्रैल को एक तथ्यान्वेषी दल भेजा, जिसने कुछ प्रभावित श्रमिकों और दुकानदारों से बात की और विस्तृत जानकारी जुटाई।

बयान में कहा गया है कि टीम ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सकी।

टीम ने पाया कि कथित तौर पर कंपनी मालिकों की ओर से सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी से भी कम वेतन देने के कारण श्रमिकों में वर्षों से असंतोष पनप रहा था।

इसमें कहा गया है, ‘इसी बीच, आसमान छूती महंगाई और पेट्रोल की कीमतों में भारी वृद्धि ने श्रमिकों के धैर्य को तोड़ दिया। हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि हो जाने लेकिन नोएडा में मजदूरी बढ़ाने से इनकार किए जाने ने आग में घी डालने का काम किया।’

भाषा तान्या माधव

माधव


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