कांग्रेस में अपमानित किया गया, मुझे अवांछित महसूस कराया गया: प्रद्युत बोरदोलोई
कांग्रेस में अपमानित किया गया, मुझे अवांछित महसूस कराया गया: प्रद्युत बोरदोलोई
(दुर्बा घोष)
गुवाहाटी, 28 मार्च (भाषा) हाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए असम से दो बार के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा है कि कांग्रेस में उन्हें उपेक्षित, अलग-थलग और ‘‘अवांछित व्यक्ति’’ जैसा महसूस कराया गया।
पांच दशक से अधिक समय तक कांग्रेस में रहे बोरदोलोई दिसपुर से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
बोरदोलोई ने ‘पीटीआई-भाषा’ से एक साक्षात्कार में कहा कि एक के बाद एक कई ऐसी बातें हुईं, जिन्होंने उन्हें आहत किया और शायद इसकी शुरुआत 2022 में कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव से हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में उन्हें अपमान का सामना करना पड़ रहा था, उन्हें ‘‘अवांछित व्यक्ति’’ जैसा महसूस कराया गया और पार्टी अध्यक्ष पद के लिए उनके द्वारा शशि थरूर की उम्मीदवारी का समर्थन किए जाने के बाद उन्हें किनारे कर दिया गया।
मल्लिकार्जुन खरगे चुनाव जीतकर कांग्रेस अध्यक्ष बने।
बोरदोलोई ने कहा, ‘‘उसके बाद मुझे लगा कि मेरे खिलाफ व्यवस्थित तरीके से कार्रवाई हो रही है, हालांकि खरगे हमेशा उदार रहे और उन्होंने मुझे स्वीकार किया… सोनिया गांधी, जो मेरे लिए मां जैसी रही हैं, उन्होंने भी कभी मेरे साथ भेदभाव नहीं किया।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में दूसरे पायदान के नेतृत्व ने उन्हें ‘‘व्यवस्थित ढंग से किनारे कर दिया और यह बहुत साफ दिखाई देता था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं लोकसभा की चर्चाओं में भाग लेना चाहता था, जो पार्टी के भीतर तय होता है, तो मुझे कभी मौका नहीं मिला। अगर मुझे मौका दिया भी गया तो मेरा नाम सूची में सबसे नीचे होता था और इस तरह मुझे बोलने का समय नहीं मिल पाता था या सिर्फ दो मिनट मिलते थे।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब व्यवस्थित ढंग से हो रहा था।
बोरदोलोई ने कहा कि ऐसे कई उदाहरण थे लेकिन अंतिम चोट तब लगी जब 2025 में राज्य में पंचायत चुनावों के दौरान उन पर हमला किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘नकाबपोश बदमाशों ने मेरी कार तोड़ दी और लोहे की छड़ों एवं अन्य हथियारों से मुझे मारने की कोशिश की। मुझे मामूली चोटें आईं और मैंने इसे भाजपा का काम समझकर नजरअंदाज कर दिया लेकिन पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बाद में मुझे यह जानकर बहुत हैरानी हुई कि मेरे संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक मौजूदा कांग्रेस विधायक ने ही पूरे हमले की साजिश रची थी क्योंकि उनका करीबी विश्वासपात्र, जो आदतन अपराधी है, उसे गिरफ्तार किया गया था।’’
बोरदोलोई ने दावा किया कि वह प्रियंका गांधी वाद्रा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में यह मामला लाए और उन्होंने आगामी चुनावों के लिए उस कांग्रेस विधायक की उम्मीदवारी का भी विरोध किया।
उन्होंने कहा,‘‘मुझे यह देखकर बेहद निराशा हुई कि कांग्रेस द्वारा असम में यात्रा करने के लिए नियुक्त चयन समित के सदस्य इमरान मसूद के साथ वह विधायक भी थे।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि जब खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई और उस विधायक के मामले की जांच की जा रही थी, तब मसूद ने आरोपों को ‘‘झूठा एवं मनगढंत’’ बताया।
पूर्व सांसद ने कहा, ‘‘मैं इस समिति का सदस्य नहीं था लेकिन प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई वहां मौजूद थे। जब मुझे इसके बारे में पता चला तो मुझे बेहद अपमानित एवं निराश महसूस हुआ कि प्रदेश इकाई के प्रमुख ने मेरा बचाव नहीं किया…।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे एहसास हुआ कि अब बहुत हो चुका और मैं ऐसी स्थिति में साथ नहीं रह सकता।’’
भाजपा में शामिल होने के बारे में बोरदोलोई ने कहा कि जब उन्होंने कांग्रेस एवं लोकसभा से इस्तीफा दिया तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उनसे संपर्क किया।
उन्होंने कहा कि जब उनके पूर्व कांग्रेस सहयोगी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ‘‘मेरे पास आए तो मैंने एक ही बात रखी कि मुझे गरिमा और सम्मान मिलना चाहिए। मैं इस पर समझौता नहीं कर सकता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा नेतृत्व की ओर से दिसपुर सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव आया…. यह सब बहुत तेजी से हुआ और मैंने सोचा, क्यों नहीं?’’
प्रद्युत बोरदोलोई 18 मार्च को नयी दिल्ली में शर्मा और अन्य पार्टी नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए।
भाषा सिम्मी माधव
माधव

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