अरुणाचल प्रदेश में द्वितीय विश्व युद्ध की विरासत को बरकरार रखेगा हंप संग्रहालय: मीन

अरुणाचल प्रदेश में द्वितीय विश्व युद्ध की विरासत को बरकरार रखेगा हंप संग्रहालय: मीन

अरुणाचल प्रदेश में द्वितीय विश्व युद्ध की विरासत को बरकरार रखेगा हंप संग्रहालय: मीन
Modified Date: January 3, 2026 / 04:58 pm IST
Published Date: January 3, 2026 4:58 pm IST

ईटानगर, तीन जनवरी (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चोवना मीन ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें द्वितीय विश्व युद्ध के युद्ध स्थलों का विकास और पूर्वोत्तर राज्य में विमान दुर्घटना स्थलों तक ट्रेकिंग मार्ग विकसित करना शामिल है।

मीन ने प्रमुख पहलों को रेखांकित करते हुए कहा कि आगामी अंतरराष्ट्रीय पांगसू पास शीतकालीन महोत्सव के तहत राज्य द्वितीय विश्व युद्ध के 80 वर्ष होने पर पासीघाट से पांगसू पास तक एक विशेष विली जीप रैली का आयोजन करेगा।

मीन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘युद्ध के दौरान किए गए बलिदानों का सम्मान करने और इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय को भावी पीढ़ियों के लिए बरकरार रखने के लिए नये संग्रहालय और पर्यटन परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।’’

 ⁠

उपमुख्यमंत्री ने ये टिप्पणी पासीघाट स्थित हंप द्वितीय विश्व युद्ध संग्रहालय के अपने दौरे के दौरान कीं। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री मुकुट मिथी एवं अन्य विधायक भी थे। मीन ने संग्रहालय की स्थापना में मेबो विधायक ओकेन तायेंग की दूरदर्शी पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा कि संग्रहालय में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए विमानों के अवशेषों सहित दुर्लभ और मूल्यवान कलाकृतियां संरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि यह उन सैनिकों के परिवारों के लिए एक भावपूर्ण स्मारक है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के कई आदिवासी लोगों ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कुली के रूप में और ऐतिहासिक लेडो रोड के निर्माण में सहयोग देकर अपना योगदान दिया था।

मीन ने कहा कि इस विरासत को सम्मान देने के लिए जयरामपुर में एक द्वितीय विश्व युद्ध संग्रहालय का निर्माण कार्य जारी है और चांगलांग जिले में युद्ध से संबंधित स्थलों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इनमें विमान दुर्घटना स्थलों और अन्य विरासत स्थलों के लिए ट्रेकिंग मार्ग शामिल हैं, जिनका उद्देश्य इतिहास को संरक्षित करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है।

अधिकारियों ने कहा कि पासीघाट स्थित हंप द्वितीय विश्व युद्ध संग्रहालय द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अरुणाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका का एक सशक्त प्रमाण है।

युद्धकालीन इतिहास को संरक्षित करने के लिए समर्पित इस संग्रहालय में दुर्लभ कलाकृतियां, तस्वीरें और उन विमानों के अवशेष रखे गए हैं जो संघर्ष के दौरान इस क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुए थे।

भाषा अमित रंजन

रंजन


लेखक के बारे में