पदभार ग्रहण करने के दिन से मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए काम कर रहा हूं : मुख्यमंत्री खेमचंद

पदभार ग्रहण करने के दिन से मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए काम कर रहा हूं : मुख्यमंत्री खेमचंद

पदभार ग्रहण करने के दिन से मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए काम कर रहा हूं : मुख्यमंत्री खेमचंद
Modified Date: April 29, 2026 / 05:44 pm IST
Published Date: April 29, 2026 5:44 pm IST

इंफाल, 29 अप्रैल (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने बुधवार को कहा कि फरवरी में पद संभालने के बाद से वह राज्य में शांति बहाली के लिए विधायकों, अधिकारियों और विभिन्न समुदायों के सदस्यों के साथ मिलकर लगातार संवाद कर रहे हैं।

खेमचंद सिंह ने इंफाल पश्चिम जिले के लंगथाबल निर्वाचन क्षेत्र में पांच अवसंरचना परियोजनाओं के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शांति विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। उन्होंने इसी के साथ लोगों से स्थायी सद्भाव के लिए एकजुट रहने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दो महीने और बीस दिनों में, मैंने सुलह और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए विधायकों, सरकारी अधिकारियों और समुदाय प्रतिनिधियों के साथ व्यापक बातचीत की है। मैंने जिरीबाम, सेनापति, कांगपोकपी और उखरुल जिलों सहित पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों का दौरा किया है, ताकि जनता की शिकायतों को सुना जा सके और स्थानीय मुद्दों का आकलन किया जा सके।’’

मुख्यमंत्री ने हाल में राज्य में हुई हिंसा की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान जल्द ही कर ली जाएगी।

उन्होंने लोगों से सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने और विभाजन पैदा करने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ सतर्क रहने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा चुनौतियों के बावजूद सभी क्षेत्रों में विकास कार्य जारी रहेगा। उन्होंने शांतिपूर्ण और प्रगतिशील मणिपुर के निर्माण के लिए जनता और सरकार के बीच सहयोग का आह्वान किया।

सिंह ने कार्यक्रम के दौरान लंगथाबल निर्वाचन क्षेत्र में तीन जल आपूर्ति परियोजनाओं और दो सामुदायिक सभागारों का उद्घाटन किया।

उपमुख्यमंत्री लोसी दिखो ने मुख्यमंत्री के सभी पक्षों से संपर्क करने की पहलों की सराहना की, जिनमें जिरीबाम, सेनापति और उखरुल जैसे दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा शामिल है।

उन्होंने कहा कि सिंह ने विभिन्न समुदायों के लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी चिंताओं को सुनने का एक अनूठा दृष्टिकोण अपनाया है।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश


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