मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है: वांगचुक मामले पर गीतांजलि अंगमो ने कहा

मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है: वांगचुक मामले पर गीतांजलि अंगमो ने कहा

मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है: वांगचुक मामले पर गीतांजलि अंगमो ने कहा
Modified Date: February 27, 2026 / 12:35 am IST
Published Date: February 27, 2026 12:35 am IST

(फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (एचआईएएल) की सह-संस्थापक गीतांजलि जे. अंगमो ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनके पति और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) मामले में कई ‘‘प्रक्रियात्मक खामियां’’ होने के बावजूद, उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है।

एनएसए के तहत वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने संबंधी उनकी याचिका पर सुनवाई को शीर्ष अदालत द्वारा 10 मार्च तक स्थगित करने के बाद, उच्चतम न्यायालय परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए, अंगमो ने कहा कि वह और उनके पति ‘सत्यमेव जयते’ में विश्वास करते हैं।

उच्चतम न्यायालय ने जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी अंगमो की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार को 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी, जिसमें उन्होंने एनएसए के तहत वांगचुक की हिरासत को चुनौती दी है।

मामले की सुनवाई के बारे में पूछे जाने पर, अंगमो ने दावा किया कि हिरासत आदेश और उससे संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने में देरी हुई है, जो कि मामले को खारिज करने के लिए पर्याप्त आधार है।

वांगचुक पर पिछले साल 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा में कथित भूमिका के लिए एनएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है। हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और 161 अन्य घायल हो गए थे।

अंगमो ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि 10 मार्च को अगली सुनवाई में कोई आदेश दिया जाएगा।

भाषा

देवेंद्र सिम्मी

सिम्मी


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