मेरे चालक को जमीन ‘उपहार’ में दिये जाने संबंधी आरोप पर शिवसेना(उबाठा) नेता पर मुकदमा करूंगा:भुमरे

मेरे चालक को जमीन ‘उपहार’ में दिये जाने संबंधी आरोप पर शिवसेना(उबाठा) नेता पर मुकदमा करूंगा:भुमरे

मेरे चालक को जमीन ‘उपहार’ में दिये जाने संबंधी आरोप पर शिवसेना(उबाठा) नेता पर मुकदमा करूंगा:भुमरे
Modified Date: February 25, 2026 / 03:03 pm IST
Published Date: February 25, 2026 3:03 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, 25 फरवरी (भाषा) शिवसेना सांसद संदीपान भुमरे ने अंबादास दानवे द्वारा लगाए गए उन आरोपों को बुधवार को खारिज कर दिया कि जिनमें कहा गया है कि उन्होंने अपने चालक को ‘उपहार’ में जमीन दी थी। सांसद ने कहा कि वह शिवसेना (उबाठा) नेता के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।

दानवे ने मंगलवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के जटवाडा क्षेत्र में स्थित 23 एकड़ जमीन की जांच की मांग की और दावा किया कि इस जमीन को इसके मालिक ने भुमरे के चालक को उसके जन्म से बहुत पहले ही ‘‘उपहार’’ के रूप में दे दी थी।

राज्य विधान परिषद में पूर्व में नेता प्रतिपक्ष रह चुके दानवे ने दावा किया कि इस जमीन की कीमत लगभग 1,150 करोड़ रुपये है।

शिवसेना (उबाठा) नेता ने पूछा कि भुमरे के चालक जावेद शेख के जन्म से 14 साल पहले ही जमीन के हिंदू मालिक द्वारा उसके नाम पर ‘‘हिबानामा’’ (दान विलेख) कैसे बनाया जा सकता है?

मुस्लिम कानून में ‘‘हिबानामा’’ एक लिखित दस्तावेज या दान विलेख है जो बिना किसी धन या प्रतिफल के दाता से प्राप्तकर्ता को संपत्ति के स्वैच्छिक हस्तांतरण को दर्ज करता है।

भुमरे ने एक प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘दानवे द्वारा लगाए गए आरोप अधूरी जानकारी पर आधारित हैं। मुझे और मेरे चालक को जमीन के असली मालिक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मेरा सवाल यह है कि एक हिंदू और एक मुसलमान के बीच इस तरह का हिबानामा कैसे हो सकता है?”

उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में किसी भी सरकारी एजेंसी का दुरुपयोग हुआ है, तो कार्रवाई की जानी चाहिए।

छत्रपति संभाजीनगर से लोकसभा सांसद ने कहा, ‘‘मेरे चालक का जन्म वर्ष 1984-85 है और हिबानामा 1971 में बनाया गया था। अगर मेरे चालक का जन्म 1971 में नहीं हुआ था, तो यह कैसे संभव है और इसकी जांच होनी चाहिए।’’

भुमरे ने यह भी बताया कि उनके चालक ने उन्हें बताया कि वह कभी जाटवाडा गांव नहीं गया था और दानवे जिस ‘‘गट नंबर’’ (भूमि सर्वेक्षण संख्या) का दावा कर रहें हैं, वह मौजूद ही नहीं है। उस क्षेत्र में केवल 171 गट नंबर हैं। उन्होंने पूछा कि तो फिर ये गट नंबर 174 कहां से आया?

उन्होंने कहा, “जमीन की कीमत 1,150 करोड़ रुपये किसने तय की? ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है और यह आंकड़ा मौजूद ही नहीं है, तो दानवे ने किस आधार पर ये आरोप लगाए? मैं दानवे के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने जा रहा हूं और इसके लिए कानूनी सलाहकारों से बात करूंगा।’’

भुमरे ने मामले की विस्तृत जांच की भी मांग की।

भाषा यासिर संतोष

संतोष


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