आईएएस अधिकारी अश्वनी कुमार ने फिल्म ‘देवयानी’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा
आईएएस अधिकारी अश्वनी कुमार ने फिल्म ‘देवयानी’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा
नयी दिल्ली/गुवाहाटी, 16 अगस्त (भाषा) भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2010 बैच के अधिकारी अश्वनी कुमार ने अपने पेशेवर जीवन के अधिकांश समय सरकारी नीतियों, प्रशासन और संस्थागत सुधारों के जरिए बदलाव लाने के लिए काम किया लेकिन अब वह ‘देवयानी’ फिल्म से अभिनय की दुनिया में कदम रख रहे हैं।
यह फिल्म एक पिता की अपनी बेटी को लेकर चिंताओं और महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर आधारित है।
फिलहाल असम सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव और डीआईटीईसी के निदेशक के रूप में कार्यरत कुमार फिल्मों में अपने प्रवेश को न तो सार्वजनिक सेवा से अलगाव मानते हैं और न ही प्रसिद्धि पाने की कोशिश।
वह इसे सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का ही विस्तार मानते हैं।
कुमार पूछते हैं, “सरकार संस्थाएं बना सकती है, योजनाएं शुरू कर सकती है और नियम बदल सकती है लेकिन समाज की गहरी जड़ें जमा चुकी सोच को कैसे बदला जाए?”
उन्होंने कहा, “हर बदलाव की शुरुआत नीति से नहीं होती। कुछ बदलाव एक कहानी से शुरू होते हैं। अगर सिनेमा एक परिवार को भी बेटियों और महिलाओं की ताकत के बारे में अलग तरह से सोचने पर मजबूर कर सके, तो यह प्रयास सार्थक होगा।”
यह फिल्म एक पिता और उसकी बेटी के रिश्ते को केंद्र में रखती है।
परिवार के अंतरंग माहौल के जरिए यह महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और सशक्तीकरण से जुड़े बड़े सवाल उठाती है तथा सामाजिक सोच में बदलाव की जरूरत पर जोर देती है।
असम-मेघालय कैडर के आईएएस अधिकारी कुमार का मानना है कि नीतिगत हस्तक्षेप बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंच सकते हैं जबकि कहानियां व्यक्तिगत स्तर पर लोगों और परिवारों की सोच को प्रभावित कर सकती हैं।
‘देवयानी’ में कुमार एक ऐसे किरदार की भूमिका निभा रहे हैं, जो उनके प्रशासनिक करियर के व्यापक सरोकारों से मेल खाता है।
फिल्म में खास तौर पर संवेदनशीलता, गरिमा और सशक्तीकरण का महत्व शामिल है।
भाषा जितेंद्र धीरज
धीरज

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