सीबीएसई पोर्टल की समस्याओं का विश्लेषण करेगा आईआईटी मद्रास

सीबीएसई पोर्टल की समस्याओं का विश्लेषण करेगा आईआईटी मद्रास

सीबीएसई पोर्टल की समस्याओं का विश्लेषण करेगा आईआईटी मद्रास
Modified Date: May 25, 2026 / 04:27 pm IST
Published Date: May 25, 2026 4:27 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास, पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से संबंधित तकनीकी मुद्दों को हल करने में सीबीएसई की सहायता के लिए कम से कम दो संकाय सदस्यों और सहायक कर्मचारियों को नियुक्त करेगा। आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि ने सोमवार को यह जानकारी दी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के निर्देशों के बाद संकाय सदस्यों को प्रतिनियुक्त किया जा रहा है, जिसमें इस वर्ष पुनर्मूल्यांकन सेवाओं के शुरू होने के बाद से सामने आई सभी तकनीकी समस्याओं की जांच करने और सीबीएसई को त्रुटिरहित प्रक्रिया सुनिश्चित करने में सहायता करने के लिए आईआईटी-मद्रास और आईआईटी-कानपुर से प्रोफेसरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीमों को प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया है।

‘पीटीआई-भाषा’ के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, निदेशक कामकोटि ने कहा कि नियुक्त टीम को बड़े पैमाने पर वेब पोर्टल और संबंधित हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर बुनियादी ढांचे को संभालने का अनुभव है।

उन्होंने कहा, “कुछ ऐसे संकाय सदस्यों या कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा, जिन्हें बड़े पैमाने पर वेब पोर्टल और संबंधित हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर बुनियादी ढांचे को संभालने का अनुभव हो।”

निदेशक ने कहा, “उनकी प्राथमिक भूमिका समस्या के मूल कारण का विश्लेषण करना और जरूरत पड़ने पर त्वरित उपाय सुझाना है, जिसके बाद दीर्घकालिक समाधान निकाले जाएंगे जो बच्चों के लिए एक मजबूत मंच सुनिश्चित करेंगे।”

संस्थान ने कहा कि टीम के जुड़ाव की अवधि विश्लेषण के दौरान पहचाने गए “मूल कारणों” पर निर्भर करेगी। कामकोटी ने कहा, “वे तब तक जुड़े रहेंगे जब तक कि मंच सुदृढ़ नहीं हो जाता।”

हाल ही में, सीबीएसई को सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों, भुगतान विफलताओं और पहुंच संबंधी समस्याओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों की आलोचना का सामना करना पड़ा।

इससे पहले, शिक्षा मंत्रालय ने घोषणा की थी कि आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर की एक विशेषज्ञ टीम सिस्टम और तकनीकी कार्यप्रवाह में लक्षित तकनीकी सुधारों को लागू करेगी और विशेष रूप से पोर्टल की स्थिरता और सर्वर के प्रदर्शन की जांच करेगी।

मंत्रालय ने कहा, “टीम समग्र आईटी अवसंरचना की मजबूती की भी जांच करेगी और यह सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक उपाय करने में सहायता करेगी कि लॉगिन प्रमाणीकरण/उपयोगकर्ता पहुंच प्रणाली/भुगतान गेटवे सटीक और व्यवस्थित हों।”

भाषा

प्रशांत माधव

माधव


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