इन-स्पेस ने भारतीय निजी उद्योग को पीएसएलवी की संपूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरित करने की पेशकश की
इन-स्पेस ने भारतीय निजी उद्योग को पीएसएलवी की संपूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरित करने की पेशकश की
नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) अंतरिक्ष नियामक संस्था इन-स्पेस ने घोषणा की है कि वह भारतीय निजी उद्योग को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) की प्रौद्योगिकी के पूर्ण हस्तांतरण की पेशकश कर रही है।
भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) ने एक बयान में कहा कि यह अवसर उन सक्षम भारतीय उद्योगों के लिए है जिन्होंने बहु-विषयक परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया है, और जो पीएसएलवी की प्रौद्योगिकी को आत्मसात करने एवं वैश्विक मध्यम उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए वाणिज्यिक प्रक्षेपण सेवाएं प्रदान करने के इच्छुक हैं।
इन-स्पेस ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी का निर्बाध आत्मसात सुनिश्चित करने के लिए, इसरो द्वारा 30 महीने की ‘निर्धारित अवधि’ के लिए या चयनित पक्ष द्वारा दो पीएसएलवी यानों के निर्माण और प्रक्षेपण तक, जो भी पहले हो, बुनियादी ढांचागत और प्रत्यक्ष सहायता प्रदान की जाएगी।’’
बयान में यह भी कहा गया है कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कुछ शर्तों और नियमों के तहत केवल भारतीय निजी संस्थाओं तक ही सीमित है।
इसके अनुसार, इनमें से एक शर्त यह है कि ‘‘प्रतिवादी (प्रौद्योगिकी हस्तांतरण चाहने वाली कंपनी) या कम से कम कंसोर्टियम सदस्यों में से एक, यदि कोई हो, को अंतरिक्ष/एयरोस्पेस के क्षेत्र में कम से कम पांच वर्षों का अनुभव होना चाहिए’’।
इनमें एक अन्य शर्त यह है कि प्रतिवादी का पिछले पांच वर्षों में से किन्हीं तीन वर्षों का वार्षिक कारोबार 400 करोड़ रुपये से अधिक होना चाहिए, या इकाई का मूल्यांकन कम से कम 1,000 करोड़ रुपये होना चाहिए।
भाषा नेत्रपाल नरेश
नरेश

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