इन राज्यों में अब 4 साल से बड़े बच्चों को हेलमेट पहनना जरूरी, हाई कोर्ट ने जारी किया बड़ा आदेश
Now mandatory for children above 4 years to wear helmets: हाईकोर्ट ने कहा कि हेलमेट केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप होना चाहिए ताकि यह सिर की सुरक्षा कर सके। सिर्फ वे सिख महिला-पुरुष जिन्होंने पगड़ी पहनी हो उन्हें ही हेलमेट पहनने से छूट दी गई है।
चंडीगढ़: Now mandatory for children above 4 years to wear helmets हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में अब 4 साल से ज्यादा उम्र के सभी बाइक सवारों को हेलमेट पहनना होगा। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल की बेंच ने 29 अक्टूबर 2024 को इस मामले में आदेश दिए थे। इसी मामले पर आज फिर सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट ने कहा कि हेलमेट केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप होना चाहिए ताकि यह सिर की सुरक्षा कर सके। सिर्फ वे सिख महिला-पुरुष जिन्होंने पगड़ी पहनी हो उन्हें ही हेलमेट पहनने से छूट दी गई है।
हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस से बिना हेलमेट टू-व्हीलर चलाने वाले पुरुष और महिला सवारों के चालान की जानकारी भी मांगी है। अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी।
सरकारबच्चों की सुरक्षा के लिए नए नियम बनाए
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि 4 साल से बड़े हर व्यक्ति को हेलमेट पहनना होगा, चाहे वह टू-व्हीलर चला रहे हों या पीछे बैठे हों। इस नियम में बच्चे भी शामिल हैं। यह नियम हर तरह की बाइक पर लागू होगा।
हालांकि, अगर कोई सिख व्यक्ति पगड़ी पहनकर बाइक चला रहा हो या उस पर बैठा हो तो उस पर यह नियम लागू नहीं होगा। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को चार साल से छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष नियम बनाने का भी आदेश दिया है।
मात्र खानापूर्ति न होहेलमेट का उपयोग
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि हेलमेट केवल सिर पर रखा ही काफी नहीं है, उसे सिर से अच्छे से बांधा जाना चाहिए ताकि वह पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान कर सके। हेलमेट को मानकों के अनुरूप बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित स्टेंडर्ड का पालन करना जरूरी होगा। हेलमेट का उपयोग महज खानापूर्ति न हो, सरकार इस बात को सुनिश्चित करे।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ पुलिस को आदेश दिया गया है कि बिना हेलमेट चलाने वाली महिलाओं और पीछे बैठे सवारों का चालान किया जाए। बिना हेलमेट टू-व्हीलर पर सवारी करने वाले सभी लोगों पर यह नियम सख्ती से लागू होगा, चाहे वह बाइक चला रहे हों या केवल पीछे बैठे हों।
हाईकोर्ट ने इस फैसले के जरिए बच्चों के लिए भी सुरक्षा उपायों की मांग की है। हाईकोर्ट ने सुझाव दिया है कि 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी विशेष सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होने चाहिए।

Facebook


