वैश्विक संकट के कारण एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी अपरिहार्य: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी
वैश्विक संकट के कारण एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी अपरिहार्य: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी
धारवाड़ (कर्नाटक), सात जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को कहा कि सरकार को भी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी पर ‘बहुत दुख और खेद’ है, लेकिन उन्होंने इसे मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ‘अपरिहार्य’ बताया।
रसोई गैस एलपीजी की कीमत में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है, जो तीन महीनों में दूसरी बढ़ोतरी है क्योंकि सरकारी स्वामित्व वाली ईंधन कंपनियां दुनिया में ऊर्जा लागत में वृद्धि से जूझ रही हैं।
जोशी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी से हमें भी बहुत दुख और अफसोस है, लेकिन आलोचना करने से पहले सभी को पूरी दुनिया की स्थिति को समझना चाहिए। दुनिया बहुत गंभीर संकटों से जूझ रही है।’
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने कहा, ‘किसी भी प्रकार का ‘ट्रांसशिपमेंट’ नहीं हो रहा है और एलपीजी बहुत ही सीमित स्रोतों से उपलब्ध है।’
‘ट्रांसशिपमेंट’ का मतलब किसी सामान या माल को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते समय बीच में किसी और जगह पर उतारकर फिर दूसरे वाहन/जहाज/ट्रक में लादकर आगे भेजना होता है।
मंत्री ने कहा कि एलपीजी और पेट्रोल/डीजल उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार खरीद के संसाधनों को बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि खरीददारी उन देशों से हो रही है जो भारत से काफी दूर हैं।
उन्होंने आगे कहा, ‘परिवहन लागत अधिक है, मूल लागत भी अधिक है और 40-45 दिनों के ‘ट्रांसशिपमेंट’ के कारण बीमा लागत भी बढ़ गई है। इसलिए हम आम आदमी के बारे में भी समान रूप से चिंतित हैं, लेकिन साथ ही, मूल्य वृद्धि अपरिहार्य है।’
पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में वृद्धि होने के बाद सात मार्च को प्रति सिलेंडर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद यह वृद्धि हुई है।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश

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