भारत और फ्रांस रक्षा सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए 17 फरवरी को वार्ता करेंगे

भारत और फ्रांस रक्षा सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए 17 फरवरी को वार्ता करेंगे

भारत और फ्रांस रक्षा सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए 17 फरवरी को वार्ता करेंगे
Modified Date: February 15, 2026 / 09:32 pm IST
Published Date: February 15, 2026 9:32 pm IST

नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 17 फरवरी को बेंगलुरु में फ्रांस के रक्षा मंत्री कैथरीन वाउटरिन के साथ अहम बातचीत करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि इस द्विपक्षीय वार्ता से रक्षा सहयोग को प्रगाढ़ बनाने को लेकर कुछ अहम निर्णय किये जाएंगे।

रक्षा मंत्रालय द्वारा रविवार को दी गई जानकारी के मुताबिक छठे फ्रांस-भारत रक्षा संवाद के दौरान रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए नवीनीकृत किए जाने की उम्मीद है। उसके मुताबिक दोनों मंत्रियों की उपस्थिति में बैठक में ‘हैमर मिसाइलों के निर्माण’ के लिए संयुक्त उद्यम पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने की भी संभावना है।

एक बयान में कहा गया, ‘‘दोनों मंत्रियों के कर्नाटक के वेमागल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों द्वारा टाटा एयरबस के एच125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर के अंतिम असेंबली के ऑनलाइन उद्घाटन समारोह में भी शामिल होने भी उम्मीद है।’’

मंत्रालय ने बताया कि सिंह 17 फरवरी को बेंगलुरु में फ्रांस की सशस्त्र सेना और भूतपूर्व सैनिक मामलों की मंत्री कैथरीन वाउटरिन के साथ छठे भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद की सह-अध्यक्षता करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी, जिसमें औद्योगिक सहयोग के विस्तार पर विशेष तौर पर गौर किया जाएगा।

मंत्रालय ने बताया कि भारतीय सेना और फ्रांसीसी थल सेना प्रतिष्ठानों में अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती के संबंध में भी घोषणा होने की उम्मीद है। उसने बताया कि रक्षा परंपरागत रूप से दोनों देशों के संबंधों का एक अहम आधार रहा है।

बयान में कहा गया है कि 2024-2025 में कई उच्च स्तरीय आदान-प्रदानों के माध्यम से ‘‘मजबूत और स्थायी द्विपक्षीय संबंध’’ स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुए।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘हाल ही में हुए भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी समझौते के माध्यम से यूरोपीय देशों के साथ सामूहिक जुड़ाव को गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है।’’

भाषा धीरज रंजन

रंजन


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