चीनी घुसपैठ को लेकर आज फिर भारत-चीन के बीच होगी ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता

चीनी घुसपैठ को लेकर आज फिर भारत-चीन के बीच होगी ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता

चीनी घुसपैठ को लेकर आज फिर भारत-चीन के बीच होगी ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता
Modified Date: November 29, 2022 / 08:48 pm IST
Published Date: September 2, 2020 4:15 am IST

नई दिल्ली। लद्दाख के पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर चल रहे मुद्दों पर चर्चा के लिए आज फिर सुबह 10 बजे चुशुल/मोलदो में भारत और चीन के बीच ब्रिगेड कमांडर स्तर की वार्ता होगी। भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक ये जानकारी मिली है। बता दें इसी मद्देनजर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज दूसरी बार रूस दौरे के लिए रवाना होंगे।

 

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आपको बता दें कि पूर्वी लद्दाख में सीमा पर कब्जा जमाकर बैठी चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को भारतीय सेना ने उसकी ही भाषा में करारा जवाब दिया है। शनिवार यानी 29 अगस्त की रात को जो घटनाक्रम हुआ, उस पर हो रही बयानबाजी से यह साफ है कि इस बार भारतीय सेनाओं ने काउंटर स्ट्राइक की है। यह बात चीन के विदेश मंत्रालय और सेना के बयानों में भी झलक रही है।

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पूर्वी लद्दाख के जिस इलाके में अभी दोनों सेनाओं के बीच संघर्ष की बात सामने आई है, वह पैंगॉन्ग झील का है। इस पैंगॉन्ग झील के ही एक हिस्से में चीनी सेना ने चार महीने पहले कब्जा कर लिया था। चीनी सैनिकों ने फिंगर-4 और 8 के बीच 8 किमी के इलाके में पोजिशन मजबूत कर ली है। झील में पर्वतों से आने वाले स्पर्स को मिलिट्री की भाषा में फिंगर्स कहते हैं। चीन की सेना ने इस इलाके में नए बंकर बना लिए हैं। भारत ने चीन को पैंगॉन्ग से अपनी सेनाएं वापस बुलाने को कहा है, लेकिन चीन ऐसा कर नहीं रहा।

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मई में हुई चीनी घुसपैठ के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्री से लेकर विशेष प्रतिनिधि स्तर तक बातचीत हो चुकी है। लेकिन नतीजा कोई नहीं निकला है। 29 अगस्त की रात को चीनी सैनिक पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी इलाके में पहाड़ियों पर कब्जा करने के लिए आगे बढ़े थे, लेकिन भारतीय सैनिकों ने उन्हें रोक दिया। साथ ही, पहली बार भारतीय सेना ने इस इलाके में पहाड़ों की चोटियों पर कब्जा कर लिया है, जहां वे स्ट्रेटिजिक लाभ की स्थिति में है।

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चीनी सेना ने घुसपैठ की कोशिश की थी और ब्लैक टॉप और हेलमेट के पहाड़ी इलाकों में सैनिकों को तैनात किया था। लेकिन 29 और 30 अगस्त की रात को भारतीय सैनिकों ने इन दोनों ही स्ट्रेटिजिक महत्व के ठिकानों को अपने कब्जे में ले लिया है। चीन ने एलएसी पर भारतीय सीमा में स्थित थाकुंग में भारतीय बेस के करीब तक अपनी सेना को तैनात कर दिया है। इसका भारत बार-बार विरोध कर रहा है।

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यदि भारत में चीन के राजदूत का बयान देखें तो उसका आरोप है कि भारतीय सेना ने एलएसी पर रेचिन ला इलाके में कब्जा कर लिया है। वहीं, इस पर भारत का कहना है कि रेचिन ला भारत में स्थित रेजांग ला से ढाई-तीन किमी दूर है। यह भारत में है, चीन में नहीं। भारत ने तो साफ-साफ कह दिया है कि चीनी सेना की घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सेना ने नाकाम किया है। हालांकि, मंगलवार को भी दोनों देशों के ब्रिगेड कमांडर स्तर के सैन्य अफसरों के बीच बातचीत हुई। इसमें भी कोई हल नहीं निकला है।


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