India-Indonesia Agreement: भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया, इन 20 समझौतों पर दोनों देशों ने लगाई मुहर, जानिए इंडिया को होगा क्या-क्या फायदा?

भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया, इन 20 समझौतों पर दोनों देशों ने जताई सहमति, India-Indonesia Agreement: Both Countries Agree on 20 Subjects

India-Indonesia Agreement: भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया, इन 20 समझौतों पर दोनों देशों ने लगाई मुहर, जानिए इंडिया को होगा क्या-क्या फायदा?

India-Indonesia Agreement. Image Source- PIB

Modified Date: July 7, 2026 / 05:14 pm IST
Published Date: July 7, 2026 5:05 pm IST

नई दिल्लीः India-Indonesia Agreement: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन दिनों इंडोनेशिया दौरे पर है। भारत-इंडोनेशिया के बीच मंगलवार को जकार्ता में 20 समझौते हुए। इन समझौतों में रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, डिजिटल तकनीक, आपदा प्रबंधन और समुद्री सुरक्षा जैसे कई अहम क्षेत्र शामिल हैं। सबसे अहम ब्रह्मोस डील रही। इसको लेकर दोनों देशों के बीच पिछले 4 महीने से बातचीत चल रही थी। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है।

भारत-इंडोनेशिया के 20 बड़े फैसले और समझौते  

रक्षा और रणनीतिक सहयोग

  • ब्रह्मोस मिसाइल सहयोग: ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति।
  • एयर-टू-एयर मिसाइल समझौता: वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए मिसाइल सहयोग पर समझौता।
  • समुद्री सुरक्षा: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने का फैसला।
  • आईएफसी-आईओआर में इंडोनेशियाई अधिकारी: हिंद महासागर सूचना संलयन केंद्र (IFC-IOR) में इंडोनेशिया का संपर्क अधिकारी तैनात होगा।

अंतरिक्ष, उद्योग और प्रौद्योगिकी (India-Indonesia Agreement)

  • अंतरिक्ष सहयोग का विस्तार: बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग और अनुसंधान में साझेदारी बढ़ेगी।
  • स्टील परियोजना: SAIL और पीटी क्राकाटाउ स्टील के बीच इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब यूनिट स्थापित करने पर सहमति।
  • खनिज एवं इस्पात आपूर्ति श्रृंखला: खनिज संसाधन और इस्पात क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
  • रेयर अर्थ मैग्नेट: दुर्लभ पृथ्वी चुंबक (Rare Earth Magnets) के विकास के लिए संयुक्त पहल।
  • दूरसंचार सहयोग: नई दूरसंचार तकनीकों और सेवाओं के विकास पर समझौता।
  • रिसर्च एवं इनोवेशन: अनुसंधान, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र

  • स्वास्थ्य कार्यबल सहयोग: चिकित्सा कर्मियों के प्रशिक्षण और सहयोग पर समझौता।
  • मेडिकल रेगुलेशन: भारत के CDSCO और इंडोनेशिया के BPOM के बीच चिकित्सा उत्पादों के नियमन में सहयोग।

कृषि और आपदा प्रबंधन

  • कृषि सहयोग: खेती और कृषि आधारित तकनीकों के आदान-प्रदान पर सहमति।
  • गेहूं के बीज: भारत इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले DWR-162 गेहूं के बीज उपलब्ध कराएगा।
  • आपदा प्रबंधन: दोनों देशों की आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने का समझौता।

लोकतंत्र और डिजिटल गवर्नेंस

  • चुनाव आयोग सहयोग: चुनावी प्रक्रियाओं और अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए समझौता।
  • इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क: भारत के ONDC मॉडल पर आधारित ‘इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क’ विकसित किया जाएगा।

शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग

  • IIM बेंगलुरु का कैंपस: इंडोनेशिया के सिंघासारी SEZ में IIM बेंगलुरु का अंतरराष्ट्रीय परिसर खुलेगा।
  • प्रमबानन मंदिर संरक्षण: भारत इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्रमबानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार में सहयोग देगा।
  • ‘टैगोर-देवंतर वर्ष’ की घोषणा: दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए विशेष वर्ष मनाया जाएगा।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।