जलवायु परिवर्तन की स्थिति गंभीर होने के कारण भारत में भीषण गर्मी : संयुक्त राष्ट्र जलवायु प्रमुख

जलवायु परिवर्तन की स्थिति गंभीर होने के कारण भारत में भीषण गर्मी : संयुक्त राष्ट्र जलवायु प्रमुख

जलवायु परिवर्तन की स्थिति गंभीर होने के कारण भारत में भीषण गर्मी : संयुक्त राष्ट्र जलवायु प्रमुख
Modified Date: May 27, 2026 / 08:29 pm IST
Published Date: May 27, 2026 8:29 pm IST

नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) संयुक्त राष्ट्र के जलवायु प्रमुख साइमन स्टील ने बुधवार को कहा कि भारत के कई हिस्सों में जारी भीषण गर्मी मुख्य रूप से कोयला, तेल और गैस के बड़े पैमाने पर उपयोग से जलवायु परिवर्तन की चरम स्थिति उत्पन्न होने के कारण है।

उन्होंने भीषण गर्मी के गंभीर मानवीय और आर्थिक प्रभावों को भी रेखांकित किया, विशेष रूप से उन लोगों पर जो बिना शीतलन सुविधाओं वाले घरों में रहते हैं और जो लंबे समय तक बाहर काम करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन समझौता (यूएनएफसीसी) के कार्यकारी सचिव स्टील ने एक बयान में कहा कि जलवायु की ये चरम स्थितियां वैश्विक स्तर पर जलवायु प्रभावों के अनुकूलन के उपायों के महत्व को रेखांकित करती हैं।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को कहा कि मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत में अगले दो-तीन दिनों तक भीषण गर्मी से लेकर प्रचंड गर्मी की स्थिति बनी रहने की संभावना है।

देश भर में बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। 18 मई को बिजली की अधिकतम मांग 257.3 गीगावाट, 19 मई को 260.4 गीगावाट, 20 मई को 265 गीगावाट और 21 मई को रिकॉर्ड 270.8 गीगावाट तक पहुंच गई।

स्टील ने कहा, ‘‘हाल के दिनों में भारत में बिजली की मांग में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है। सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों ने दिन के समय की मांग को पूरा करने में मदद की है, और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भारत द्वारा उठाए गए ठोस कदम फायदेमंद साबित हुए हैं।’’

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी ने स्वदेशी स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा-दक्षता उपायों के महत्व को रेखांकित किया है।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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