भारत जल्द ही ड्रोन शक्ति मिशन शुरू करेगा: सरकार के शीर्ष वैज्ञानिक सलाहकार
भारत जल्द ही ड्रोन शक्ति मिशन शुरू करेगा: सरकार के शीर्ष वैज्ञानिक सलाहकार
नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) भारत जल्द ही ड्रोन के निर्माण में प्रौद्योगिकी आत्मनिर्भता हासिल करने के लिए एक मिशन शुरू करेगा, जो उत्पाद वितरण से लेकर युद्ध तक के अनुप्रयोगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने कहा, ‘‘निकट भविष्य में, हम ड्रोन शक्ति मिशन शुरू करने जा रहे हैं, जिसके तहत ड्रोन में इस्तेमाल होने वाले कलपुर्जों के निर्माण के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा, बजाय इसके कि आयातित कलपुर्जों का उपयोग करके ड्रोन को तैयार किया जाए।’’
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस मिशन का कलपुर्जा निर्माण को प्रोत्साहित करने और उच्चस्तरीय ड्रोन के लिए आवश्यक अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने जैसा दोहरा उद्देश्य है।
सूद ने कहा कि ड्रोन शक्ति मिशन को अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के तहत शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य देश में अनुसंधान, विकास और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
शीर्ष वैज्ञानिक सलाहकार ने कहा कि सरकार प्रौद्योगिकी संप्रभुता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उन्नत विनिर्माण और रोबोटिक्स के क्षेत्रों पर भी विचार कर रही है।
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के अंदर दुश्मन के रडार और मिसाइल प्रणालियों सहित बड़े लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए सशस्त्र बलों द्वारा ड्रोन का व्यापक रूप से उपयोग किया गया था।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए हर बड़े सुधार में प्रौद्योगिकी का योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नीति निर्माण में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को लगातार प्राथमिकता देने के कारण यह परिवर्तन संभव हो पाया है।
भाषा
नेत्रपाल अमित
अमित

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