भारत, वियतनाम ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया

भारत, वियतनाम ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया

भारत, वियतनाम ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया
Modified Date: May 6, 2026 / 03:41 pm IST
Published Date: May 6, 2026 3:41 pm IST

(फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के बीच हुई वार्ता के बाद बुधवार को भारत और वियतनाम ने अपने संबंधों को बढ़ाकर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने का निर्णय लिया और आर्थिक एवं रक्षा संबंधों को उल्लेखनीय रूप से विस्तार देने का संकल्प जताया।

मोदी ने कहा कि दोनों देशों का हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए साझा दृष्टिकोण है और दोनों पक्ष कानून के शासन, शांति, स्थिरता और समृद्धि में अपना योगदान जारी रखेंगे।

समझा जाता है कि दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति के प्रदर्शन का मुद्दा भी शामिल था।

लैम ने मंगलवार को भारत की अपनी तीन दिवसीय यात्रा शुरू की। उनके साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इस महीने राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह उनकी पहली राजकीय यात्रा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया में जारी अपने बयान में कहा कि भारत और वियतनाम ने अपने संबंधों को बढ़ाकर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है।

मोदी ने कहा, ‘‘वियतनाम भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और ‘विजन ओशन’ का एक प्रमुख स्तंभ है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी, हम एक समान दृष्टिकोण साझा करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करके हम कानून के शासन, शांति, स्थिरता और समृद्धि में योगदान देना जारी रखेंगे।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वियतनाम के सहयोग से आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संघ) के साथ अपने संबंधों का विस्तार करेगा।

उन्होंने कहा कि वित्तीय संपर्क को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि भारत की यूपीआई और वियतनाम की त्वरित भुगतान प्रणाली जल्द आपस में जुड़ जाएंगी।

लाम ने अपने संबोधन में कहा कि दोनों पक्ष राजनीतिक विश्वास को गहरा करने और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।

पिछले साल, दोनों पक्षों ने पनडुब्बी खोज, बचाव और सहायता तंत्र के लिए एक ढांचा स्थापित करने से संबंधित एक समझौता पर हस्ताक्षर किया था। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा उद्योग सहयोग को मजबूत करने के लिए आशय पत्र (एलओआई) पर भी हस्ताक्षर किए।

भाषा सुरभि संतोष

संतोष


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