Congress Muslim League Party: कांग्रेस के ‘मुस्लिम लीग पार्टी’ हो जानें के आरोपों पर सामने आई सफाई.. पवन खेड़ा ने पूछा, ‘वोटों को भगवा, हरा, नीला रंग क्यों दिया जा रहा है?’

Congress Became Muslim League Party Allegations: कांग्रेस पर मुस्लिम लीग बनने के आरोपों पर पवन खेड़ा का जवाब, बीजेपी और एआईयूडीएफ पर पलटवार

Congress Muslim League Party: कांग्रेस के ‘मुस्लिम लीग पार्टी’ हो जानें के आरोपों पर सामने आई सफाई.. पवन खेड़ा ने पूछा, ‘वोटों को भगवा, हरा, नीला रंग क्यों दिया जा रहा है?’

Congress Became Muslim League Party Allegations || Image- PTI News File

Modified Date: May 6, 2026 / 05:36 pm IST
Published Date: May 6, 2026 4:52 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पवन खेड़ा बोले: वोटों को धर्म के रंग देना संविधान के खिलाफ
  • असम चुनाव में कांग्रेस के मुस्लिम विधायकों पर सियासी विवाद तेज
  • कांग्रेस ने BJP और विपक्ष के आरोपों पर किया जोरदार पलटवार

नई दिल्ली: असम के नतीजों को लेकर कांग्रेस पार्टी भाजपा और कई दूसरे दलों के निशाने पर हैं। एआईयूडीएफ के नेता ने कांग्रेस के ‘मुस्लिम लीग पार्टी’ हो जाने का दावा किया था। (Congress Became Muslim League Party Allegations) कुछ इसी तरह के आरोप भाजपा के तरफ से भी लगाए गए थे। भाजपा आईटी सेल ने भी असम में कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों की सूची जारी करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए थे। वही अब इन आरोपों पर कांग्रेस ने अपनी सफाई पेश की है।

आरोपों पर पलटवार करते हुए पवन खेड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा और दूसरे विरोधी दलों पर निशाना साधा है। खेड़ा ने कहा कि, “BJP कहती है कि उन्हें मुस्लिम वोटों की ज़रूरत नहीं है, और कई लोगों ने यह बात दोहराई है। अगर ऐसा है, तो मुसलमान दूसरी पार्टियों को देखते हैं, चाहे वह बदरुद्दीन अजमल की पार्टी हो, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी हो, या कोई नेशनल सेक्युलर पार्टी हो। मुसलमानों ने BJP को रिजेक्ट कर दिया, और तथाकथित मुस्लिम पार्टियों को भी रिजेक्ट कर दिया, और इसके बजाय एक सेक्युलर पार्टी को चुना। फिर भी इस बारे में शिकायतें हैं।”

पवन खेड़ा ने आगे कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि वोटों को भगवा, हरा, नीला रंग क्यों दिया जा रहा है। हिंदू और मुस्लिम MLAs के अनुपात के बारे में बात करना भी मुझे असहज करता है, (Congress Became Muslim League Party Allegations) लेकिन आज के समय में हम इस पर चर्चा करने के लिए मजबूर हैं…क्या यह संविधान की भाषा है? क्या इस तरह का पॉलिटिकल कल्चर अंबेडकर के संविधान से मेल खाता है?”

क्यों लग रहे कांग्रेस पर मुस्लिम परस्ती के आरोप?

दरअसल अलग-अलग राज्यों में हुए चुनाव के बाद बड़े पैमाने पर मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। बात केरल की तो यहाँ निर्वाचित 35 मुस्लिम विधायकों में से 30 यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) से संबंधित हैं, जिनमें कांग्रेस के आठ और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के 22 विधायक शामिल हैं। (Congress Became Muslim League Party Allegations)इसी तरह असम में कांग्रेस के 19 जीते विधायकों में से 18 मुस्लिम विधायक है। जबकि उसके नॉन-मुस्लिम्स कैंडिडेट्स की सफलता दर काफी कम रही। उसके सहयोगी, रायजोर दल ने दो सीटें जीतीं, जिनमें से एक सीट मुस्लिम उम्मीदवार ने जीती और दूसरी अखिल गोगोई ने, जिनकी असम में माओवादी गतिविधियों के कथित सरगना होने के आरोप में एनआईए द्वारा जांच की जा रही है। इसके विपरीत, कांग्रेस द्वारा मैदान में उतारे गए अन्य 79 गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों में से केवल एक ने ही जीत हासिल की है, जबकि पार्टी ने असम में 101 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की थी।

“कांग्रेस असम में खत्म हो चुकी है और मुस्लिम लीग बन गई है” : मौलाना बदरुद्दीन अजमल

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि कांग्रेस “असम में खत्म हो चुकी है ” और मुस्लिम लीग बन गई है। अजमल ने कहा, “दूसरों के लिए कुआँ खोदने वाले स्वयं उसी में गिर जाते हैं। कांग्रेस ने एआईआईडीएफ को हराने के लिए कुआँ खोदने की कोशिश की थी, और अब कांग्रेस का ही अंत हो गया है। कांग्रेस मुस्लिम लीग बन गई है, मुझे इससे बहुत दुख है।”

असम के गौरीपुर में कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल सोबाहन अली सरकार ने भाजपा के एआईयूडीएफ के निजानुर रहमान को 19097 वोटों के अंतर से हराकर निर्णायक जीत दर्ज की। (Congress Became Muslim League Party Allegations) वहीं, जलेश्वर में कांग्रेस के आफताब मोल्लाह ने एआईयूडीएफ नेता शेख आलम को 109688 वोटों से हराया। समागुरी में भी कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया, जहां तन्जिल हुसैन ने भाजपा के अनिल सैकिया को 108310 वोटों से हराया।

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