पूर्वोत्तर में उग्रवाद अब कोई बड़ा मुद्दा नहींः शाह

पूर्वोत्तर में उग्रवाद अब कोई बड़ा मुद्दा नहींः शाह

पूर्वोत्तर में उग्रवाद अब कोई बड़ा मुद्दा नहींः शाह
Modified Date: June 4, 2026 / 08:29 pm IST
Published Date: June 4, 2026 8:29 pm IST

शिलांग, चार जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में उग्रवाद अब कोई बड़ा मुद्दा नहीं रह गया है। उन्होंने क्षेत्र की राज्य सरकारों से कानून-व्यवस्था तक सीमित रहने के बजाय नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा उभरती प्रौद्योगिकियों और नए आर्थिक क्षेत्रों के माध्यम से विकास को गति देने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

यहां उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के 73वीं पूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पिछले एक दशक में इस क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव आया है, जहां अशांति की जगह शांति ने ले ली है और विकास और निवेश के नए रास्ते खुल गए हैं।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘पूर्वोत्तर में उग्रवाद अब कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। राज्य सरकारों का ध्यान अब केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित न रहकर नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित होना चाहिए कि विकास का लाभ हर घर तक पहुंचें।’

केंद्रीय गृह मंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसी प्रौद्योगिकियों के लिए बुनियादी ढांचा और अनुकूल तंत्र विकसित कर भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

शाह ने कहा, ‘राज्यों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसी प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था में उभर रहे अवसरों का लाभ उठा सके।’

उन्होंने राज्यों से पूर्वोत्तर की अगरवुड, विदेशी व्यापार और स्वास्थ्य पर्यटन जैसे क्षेत्रों में मौजूद क्षमताओं का आक्रामक रूप से विपणन करने का भी आह्वान किया ताकि निवेश आकर्षित किया जा सके और रोजगार सृजित किए जा सकें।

नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा क्षेत्र में स्थायी शांति बहाली का दावा करते हुए शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र ‘विवादों के केंद्र से अवसरों के केंद्र में बदल गया है’।

उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर में हिंसा के दौर को समाप्त कर दिया है। आज यह क्षेत्र तेजी से प्रगति कर रहा है, और उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) एक रणनीतिक योजना बनाने वाली संस्था के रूप में कार्य कर रही है, जो लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए क्षेत्र की विशिष्ट संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही है।’

शाह ने कहा कि एनईसी पूर्वोत्तर राज्यों और केंद्र के बीच विकास प्रयासों के समन्वय के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने क्षेत्र की विकास गति को बनाए रखने के लिए अधिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस पूर्ण सत्र में पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, वरिष्ठ अधिकारी और केंद्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश


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