हिंद महासागर में हमारा युद्धपोत डुबाने वाले अमेरिका को कड़ा जवाब देंगे : ईरानी राजदूत

हिंद महासागर में हमारा युद्धपोत डुबाने वाले अमेरिका को कड़ा जवाब देंगे : ईरानी राजदूत

हिंद महासागर में हमारा युद्धपोत डुबाने वाले अमेरिका को कड़ा जवाब देंगे : ईरानी राजदूत
Modified Date: March 5, 2026 / 09:27 pm IST
Published Date: March 5, 2026 9:27 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने बृहस्पतिवार को हिंद महासागर में अमेरिका द्वारा एक ईरानी नौसैनिक पोत को डुबाने के कृत्य की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया और वादा किया कि तेहरान इसका कड़ा जवाब देगा।

‘पीटीआई वीडियो’ से बात करते हुए फताली ने कहा कि ईरान के लड़ाकू युद्धक पोत ‘देना’ को डुबोए जाने का ‘बहुत कड़ा’ जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि इस पोत पर कोई हथियार नहीं था, और शांति कार्यों में भाग लेने के बाद लौट रहा था।

उन्होंने कहा, ‘‘यह पोत बिना हथियारों के था और शांति कार्यों में भाग लेने के बाद लौट रहा था। यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुझे लगता है कि अमेरिका और यहूदी सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों को भंग और नष्ट करना चाहते हैं।’’

ईरान के राजूदत ने कहा, ‘‘आप निश्चिंत रहें। हम वादा करते हैं कि ईरान इसका कड़ा जवाब देगा। हमने कई बार घोषणा की है कि हम अपनी आस्था और अपनी जनता के समर्थन पर भरोसा करते हैं।’’

श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत ‘देना’ को टॉरपीडो से हमला करके डुबो दिया। यह पोत विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा में भाग लेने के बाद लौट रहा था।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी दुश्मन पोत को टॉरपीडो से हमला करके डुबाने की पहली घटना बताया।

फताली ने कहा, ‘‘कुछ देशों ने कहा है कि वे बातचीत के लिए कुछ प्रतिनिधि भेजना चाहते हैं, लेकिन हमारा मानना ​​है कि इस समय कोई भी बातचीत इस क्षेत्र के लिए उपयोगी नहीं है, और ईरान के लिए तो बिल्कुल भी नहीं, क्योंकि उन्होंने ही युद्ध शुरू किया था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम विजयी होंगे और हमें जीत मिलेगी। अमेरिका और यहूदी शासन के प्रति हमारा यही रुख है। अब तक हम युद्ध की स्थिति में हैं, लेकिन हमारे देश की संस्थाएं काम करना जारी रखे हुए हैं।’’

उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष के इरादों पर संदेह के बावजूद ईरान ने बातचीत फिर से शुरू की थी।

ईरान के राजदूत ने कहा, ‘‘हमारा मानना ​​है कि क्षेत्र में हमारे साझा हित हैं और हमारी आस्था भी समान है।’’

भाषा संतोष रंजन

रंजन


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