बेंगलुरु में केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान को जैव रसायन और रक्तविज्ञान के लिए आईएसओ मान्यता

बेंगलुरु में केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान को जैव रसायन और रक्तविज्ञान के लिए आईएसओ मान्यता

बेंगलुरु में केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान को जैव रसायन और रक्तविज्ञान के लिए आईएसओ मान्यता
Modified Date: April 12, 2026 / 06:08 pm IST
Published Date: April 12, 2026 6:08 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) बेंगलुरु स्थित केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) की क्लिनिकल प्रयोगशाला को जैव रसायन और रक्तविज्ञान के लिए आईएसओ 15189:2022 मान्यता प्राप्त हुई है, जो यह सुनिश्चित करती है कि रोगियों को विश्वसनीय और सटीक निदान सेवाएं मिलें। केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सीएआरआई केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद के अंतर्गत मान्यता प्राप्त करने वाला पहला संस्थान बन गया है।

बयान में कहा गया कि यह मान्यता रोगियों को आश्वस्त करती है कि प्रयोगशाला वैश्विक स्तर पर स्वीकृत गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सटीक, विश्वसनीय और सुरक्षित नैदानिक ​​परिणाम प्रदान करती है।

इसमें कहा गया कि यह उपलब्धि प्रयोगशाला के एक प्रवेश स्तर की एनएबीएल-प्रमाणित सुविधा से एक पूर्ण रूप से स्थापित, मान्यता प्राप्त उत्कृष्टता केंद्र में परिवर्तन को दर्शाती है।

केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा, ‘‘आईएसओ 15189:2022 जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मान्यता प्राप्त होने से यह सुनिश्चित होता है कि मरीजों को विश्वसनीय और सटीक निदान सेवाएं मिलें, जो प्रभावी उपचार एवं बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए आवश्यक हैं।’’

मंत्री ने कहा कि सीएआरआई बेंगलुरु की यह उपलब्धि दर्शाती है कि मंत्रालय किस प्रकार आयुष अवसंरचना को गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानक में परिवर्तित कर रहा है।

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि जैव रसायन और रक्तविज्ञान दोनों क्षेत्रों में मिली यह मान्यता उच्च गुणवत्ता वाले निदान को पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह अनुसंधान एवं रोगी-केंद्रित देखभाल पर हमारे जोर को और मजबूत करता है।’’

भाषा अमित नेत्रपाल

नेत्रपाल


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