आईयूएमएल ने द्रमुक नीत गठबंधन से अलग होने की घोषणा की
आईयूएमएल ने द्रमुक नीत गठबंधन से अलग होने की घोषणा की
चेन्नई, 20 जून (भाषा) इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने तमिलनाडु में द्रमुक नीत गठबंधन से अलग होने की शनिवार को आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी और कहा कि वह सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा जारी रखेगी।
इसके साथ ही द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ उसका दशकों पुराना ऐतिहासिक गठबंधन समाप्त हो गया।
पार्टी ने आज पारित एक प्रस्ताव में कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के लिए द्रमुक नीत ‘सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस’ में बने रहना संभव नहीं है। साथ ही उसने टीवीके को मिले जनादेश का सम्मान करने की बात भी कही। प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया कि पार्टी द्रमुक गठबंधन का साथ छोड़ रही है।
आईयूएमएल ने मई में सरकार गठन के दौरान टीवीके का समर्थन किया था। पापनासम विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित पार्टी विधायक ए. एम. शाहजहां को विजय के मंत्रिमंडल में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया है।
चार मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद द्रमुक की लंबे समय से सहयोगी रही कांग्रेस ने टीवीके के साथ गठबंधन कर सरकार में शामिल होने का फैसला किया था। पार्टी के दो विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई। कांग्रेस ने भविष्य के चुनावों में भी टीवीके के साथ अपना गठबंधन जारी रखने की घोषणा की थी।
द्रमुक की एक अन्य सहयोगी पार्टी विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) भी टीवीके सरकार में शामिल हो गई, जबकि वाम दलों ने सरकार को बाहर से बिना शर्त समर्थन दिया।
ऐसे संकेत हैं कि वाइको के नेतृत्व वाली मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) भविष्य में विजय के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना तलाश सकती है। एमडीएमके ने द्रमुक नीत गठबंधन के हिस्से के रूप में चार निर्वाचन क्षेत्रों में द्रमुक के चुनाव चिह्न (उगते सूरज) पर चुनाव लड़ा था और दो सीटें जीती थीं।
रायापुरम स्थित आईयूएमएल कार्यालय में आयोजित पार्टी की अहम बैठक में कुल 14 प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें से एक प्रस्ताव में द्रमुक गठबंधन से अलग होने के पार्टी के फैसले को औपचारिक मंजूरी दी गई।
बाद में आईयूएमएल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. एम. कादर मोहिदीन ने कहा कि पार्टी ने जनादेश का सम्मान करते हुए टीवीके सरकार के गठन का समर्थन किया था।
उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां ऐसी नहीं हैं कि पार्टी द्रमुक के साथ अपना संबंध जारी रख सके।
पार्टी के प्रस्ताव में कहा गया कि उपचुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी होने के बाद चुनावी गठबंधन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
मोहिदीन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘लोगों का मानना है कि टीवीके अच्छी शासन व्यवस्था दे रही है और यह सरकार बनी रहनी चाहिए।’’
दोनों दलों के बीच गठबंधन पहली बार 1962 में बना था।
मोहिदीन ने कहा कि द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन के साथ चर्चा और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ आंतरिक विचार-विमर्श के बाद आईयूएमएल ने सुशासन की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए टीवीके मंत्रिमंडल में शामिल होने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि नागरिक कर्तव्य के रूप में लोकतांत्रिक मतदान के प्रति उनकी धार्मिक प्रतिबद्धता को अतीत में द्रमुक के प्रति अंध समर्थन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। एमडीएमके नेता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस्लाम में निर्धारित पांच कर्तव्यों के साथ लोकतांत्रिक मतदान को ‘‘छठा कर्तव्य’’ बताया था लेकिन कभी भी लोगों से द्रमुक को वोट देने के लिए नहीं कहा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी को लगा था कि द्रमुक गठबंधन चुनाव जीतेगा, लेकिन जनता ने अलग फैसला किया।’’
मोहिदीन ने कहा कि उनकी टिप्पणियों को गलत ढंग से समझा गया या कुछ लोगों ने उन्हें द्रमुक के पक्ष में विशेष समर्थन के रूप में पेश किया। उन्होंने जोर दिया कि उन्होंने लोकतंत्र में मतदान को नागरिक कर्तव्य बताया था।
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश

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