US Israel Iran War: एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से की बात, इन अहम मुद्दों की ली जानकारी, भारत ने हर तरीके का सहयोग देने का कर दिया ऐलान!…

US Israel Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 14वां दिन है। एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की है।

US Israel Iran War: एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से की बात, इन अहम मुद्दों की ली जानकारी, भारत ने हर तरीके का सहयोग देने का कर दिया ऐलान!…

US Israel Iran War/Image Credit: IBC24.in

Modified Date: March 13, 2026 / 04:48 pm IST
Published Date: March 13, 2026 4:38 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 14वां दिन है।
  • इस युद्ध का असर भारत में LPG की सप्लाई पर पड़ रहा है।
  • भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की है।

US Israel Iran War:  नई दिल्ली: अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 14वां दिन है। इस युद्ध का असर भारत में LPG की सप्लाई पर पड़ रहा है। इसी बिच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की है। दोनों दिग्गज नेताओं के बीच मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दों पर चर्चा हुई।

ईरान पर हुए हमले की निंदा की अपील

दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा में ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने ईरान पर हुए हमले की निंदा की भी अपील की है। ईरान की ओर जानकारी जारी करते हुए कहा कि, अराघची ने अपने भारतीय समकक्ष को हालिया घटनाक्रम से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ईरान के मुताबिक अमेरिका और इजरायल के हमलों के (US Israel Iran War) बाद क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर असर पड़ा है। ईरानी विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि ईरान की सरकार, जनता और सशस्त्र बल अपने वैध आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की निंदा करने का भी आह्वान किया।

भारत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार

US Israel Iran War: इतना ही नहीं ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने BRICS जैसे मंचों की भूमिका को वैश्विक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण बताया है। वहीं विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति, स्थिरता और सुरक्षा को (US Israel Iran War)  मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

भारत शुरू से ही बातचीत और कूटनीति के जरिए तनाव कम करने का पक्षधर रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों पर भी असर पड़ रहा है।

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