जम्मू कश्मीर किताब विवाद: काउंटर इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने जम्मू, नोएडा में छापेमारी की

जम्मू कश्मीर किताब विवाद: काउंटर इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने जम्मू, नोएडा में छापेमारी की

जम्मू कश्मीर किताब विवाद: काउंटर इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने जम्मू, नोएडा में छापेमारी की
Modified Date: July 6, 2026 / 04:27 pm IST
Published Date: July 6, 2026 4:27 pm IST

जम्मू, छह जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर पुलिस की ‘काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट’ ने दो विवादास्पद किताबों में कथित तौर पर अलगाववादियों का महिमामंडन किए जाने के मामले में सोमवार को जम्मू और नोएडा के कुछ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि ‘काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट’ की एक टीम ने शहर के बाहरी क्षेत्र चन्नी हिम्मत स्थित समग्र शिक्षा मुख्यालय में छापेमारी की और जारी जांच के तहत निदेशक तथा अन्य अधिकारियों से पूछताछ की।

अधिकारियों ने बताया कि जांच करने वाली टीम के एक और दस्ते ने नोएडा में एक प्रकाशक के दफ़्तर पर भी छापा मारा। अंतिम सूचना मिलने तक छापे की कार्रवाई जारी थी।

विवादित किताबों में जम्मू स्थित ओबेरॉय बुक सर्विस द्वारा प्रकाशित और हिलाल अहमद तथा संतोष मीणा द्वारा लिखित ‘पर्सनैलिटीज एंड लीजेंड्स ऑफ जेएंडके’ तथा दिल्ली स्थित अनुराग प्रकाशन द्वारा प्रकाशित और सुशांत गिरी द्वारा लिखित ‘ग्रेट पर्सनैलिटीज ऑफ जम्मू एंड कश्मीर’ शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, एक किताब की 123 प्रतियां जम्मू, रामबन और उधमपुर ज़िलों में भेजी गईं और दूसरी किताब की 128 प्रतियां जम्मू और बारामूला ज़िलों में भेजी गईं।

पिछले शनिवार को इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 49 (उकसाना), 61(2) (आपराधिक साजिश), 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालना), 196 (वैमनस्य को बढ़ावा देना) तथा 353 (झूठे बयान, अफवाह या रिपोर्ट प्रकाशित या प्रसारित करना) के साथ ही गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को मामला दर्ज करने के बाद, ‘काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट’ ने जम्मू शहर के बाहू प्लाज़ा में एक प्रकाशक के परिसर में छापेमारी की।

अधिकारियों ने बताया कि मामले से संबंधित साक्ष्य जुटाने के लिए जारी जांच के तहत ये तलाशी अभियान चलाए गए।

उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं ने दस्तावेजों के भौतिक रिकॉर्ड के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं। हालांकि, अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

इससे पहले, शनिवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्कूल शिक्षा विभाग के आठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया, एक संविदा कर्मचारी को हटा दिया और “अत्यंत आपत्तिजनक सामग्री” पाए जाने वाली दो विवादास्पद पुस्तकों की जांच के आदेश दिए।

यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक समूहों द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद हुई है, जिसमें इन पुस्तकों पर अलगाववाद का कथित रूप से महिमामंडन करने का आरोप लगाया गया था।

स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश में कहा कि शुक्रवार को दोनों पुस्तकें वापस ले ली गईं।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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