जापान मेघालय का एक महत्वपूर्ण विकास भागीदार देश है: मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा

जापान मेघालय का एक महत्वपूर्ण विकास भागीदार देश है: मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा

जापान मेघालय का एक महत्वपूर्ण विकास भागीदार देश है: मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा
Modified Date: February 27, 2026 / 12:25 pm IST
Published Date: February 27, 2026 12:25 pm IST

शिलांग, 27 फरवरी (भाषा) मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने जापान की एक प्रमुख विकास भागीदार के रूप में भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि द्विपक्षीय संबंध का दायरा बुनियादी ढांचे से परे युवा सशक्तीकरण, कृषि और टिकाऊ आजीविका तक बढ़ चुका है।

शिलांग में बृहस्पतिवार शाम को छठे भारत-जापान बौद्धिक सम्मेलन ‘किजुना’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संगमा ने कहा कि भारत-जापान संबंध आपसी सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों और आर्थिक सहयोग तथा सतत विकास के लिए एक साझा दृष्टिकोण पर आधारित हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जापान और भारत के बीच संबंधों की मजबूती को देखते हुए ‘किजुना’ (एक स्थायी बंधन) सम्मेलन के लिए सबसे उपयुक्त विषय है।’’

मेघालय और जापान के बीच संबंधों के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी केवल बुनियादी ढांचे के बारे में नहीं है, बल्कि लोगों में निवेश करने के बारे में भी है।

उन्होंने कहा कि राज्य से 47 नर्सों को जापान में तैनात किया गया है और अप्रैल 2025 में जापान की उनकी यात्रा के बाद एक जापानी कंपनी के साथ इस वर्ष 500 युवाओं को प्रशिक्षित करने एवं उन्हें रोजगार देने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। अगले पांच वर्षों में संख्या को बढ़ाते हुए 5,000 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।

राज्य ने जापान में कुशल युवाओं को रोजगार की सुविधा प्रदान करने के लिए एक कंपनी के साथ समझौता भी किया है, जबकि इच्छुक उम्मीदवारों को भाषा में दक्षता प्रदान करने के लिए शिलांग में एक जापानी भाषा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया गया है।

जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के साथ लंबे समय से जारी संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एजेंसी ने राज्य में बुनियादी ढांचे, सतत वानिकी और पर्यटन में महत्वपूर्ण निवेश किया है।

मुख्यमंत्री ने जापानी व्यवसायों और शैक्षणिक संस्थानों को साझेदारी के लिए आमंत्रित किया।

इससे पहले संगमा ने इंफाल शांति संग्रहालय और पूर्वोत्तर अभिलेखागार से कलाकृतियों की एक प्रदर्शनी का दौरा किया।

इस कार्यक्रम में भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची, विदेश मंत्रालय के सचिव एन जे गांगटे और जेआईसीए इंडिया के मुख्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

भाषा सुरभि मनीषा वैभव

वैभव


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