57वें शंकर-शाद मुशायरे में जावेद अख्तर और वसीम बरेलवी होंगे शामिल
57वें शंकर-शाद मुशायरे में जावेद अख्तर और वसीम बरेलवी होंगे शामिल
नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में चार अप्रैल को होने वाले 57वें शंकर-शाद मुशायरे के दौरान उर्दू शायरी प्रेमियों का हुजूम जुटने की उम्मीद है क्योंकि इस मौके पर जावेद अख्तर, वसीम बरेलवी, शीन काफ निजाम, इकबाल अशहर और शकील आजमी जैसे नामचीन शायर शिरकत करेंगे।
यह दिल्ली के बहुप्रतीक्षित मुशायरों में से एक की शानदार वापसी का प्रतीक होगा।
यह मुशायरा बाराखंभा रोड स्थित मॉडर्न स्कूल में आयोजित किया जाएगा जिसकी शुरुआत वर्ष 1954 में हुई थी और उसके बाद से यह दिल्ली के सांस्कृतिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया था।
इसका आयोजन डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सहयोग से शंकर लाल मुरलीधर मेमोरियल सोसाइटी द्वारा किया जाता है।
इस वर्ष इस महफिल में पूरे हिंदुस्तान से शेरो शायरी के कद्रदानों की शिरकत होगी जिसमें बरेली, मुंबई, जोधपुर, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, सिवान, हैदराबाद और जलगांव से नामचीन शायर शामिल होंगे।
अपने वक्त के नुमाइंदा शायरों के अलावा राजेश रेड्डी और शबीना अदीब जैसे प्रसिद्ध शायरों के साथ-साथ अजहर इकबाल और जुबैर अली ताबिश जैसी समकालीन आवाजें भी शामिल होंगी।
शंकर लाल मुरलीधर सोसाइटी के अध्यक्ष और डीसीएम श्रीराम के प्रबंध निदेशक माधव बंशीधर श्रीराम ने कहा, ‘देशभर के शायरों को एक साथ लाकर हम अपनी राष्ट्रीय विरासत के विभिन्न धागों को जोड़ते हैं। यह मंच हर उस भारतीय का है जिसने कभी किसी कहानी में सुकून पाया हो।’
आयोजकों ने देशभर से नयी प्रतिभाओं को खोजने के उद्देश्य से ‘शंकर शाद शायरी प्रतियोगिता’ के दूसरे संस्करण का भी आयोजन किया। प्रतियोगिता के विजेता की घोषणा कार्यक्रम के दिन ही की जाएगी।
यह वार्षिक मुशायरा शंकर लाल और लाला मुरलीधर की याद में आयोजित किया जाता है। दोनों को उर्दू शायरी के संरक्षकों के रूप में नयी दिल्ली के सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक जीवन में उनके योगदान के लिए जाना जाता है।
भाषा
प्रचेता नरेश
नरेश

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