झारखंड उच्च न्यायालय ने निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे की जमानत अर्जी खारिज की

झारखंड उच्च न्यायालय ने निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे की जमानत अर्जी खारिज की

झारखंड उच्च न्यायालय ने निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे की जमानत अर्जी खारिज की
Modified Date: April 28, 2026 / 10:11 pm IST
Published Date: April 28, 2026 10:11 pm IST

रांची, 28 अप्रैल (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार के एक मामले में आरोपों का सामना कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के निलंबित अधिकारी विनय चौबे की जमानत अर्जी मंगलवार को खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। उन्होंने मंगलवार को पारित आदेश में चौबे को जमानत देने से मना कर दिया।

मुख्यमंत्री के पूर्व सचिव चौबे ने हजारीबाग में उपायुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान दर्ज इस मामले में जमानत के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था।

आरोप है कि चौबे जिले में ‘सेवायत’ भूमि की अवैध बिक्री में शामिल थे। उन पर जिले में वन भूमि के रिकॉर्ड में हेरफेर करने और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से भूमि की प्रकृति को बदलने का भी आरोप है।

भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो का आरोप है कि इसके बाद संबंधित जमीन चौबे के सहयोगी विनय सिंह को हस्तांतरित कर दी गई।

इस मामले का खुलासा 2013 में हुआ, जिसके बाद वन भूमि के लिए बनाए गए सभी राजस्व रिकॉर्ड रद्द कर दिए गए और भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो द्वारा जांच शुरू की गई।

चौबे 20 मई 2025 से हिरासत में हैं। वह करोड़ों रुपये के कथित शराब घोटाले में भी आरोपी हैं, जिसमें निचली अदालत ने उन्हें निर्धारित समय के भीतर आरोपपत्र दाखिल न किए जाने के कारण जमानत दे दी है।

भाषा पारुल माधव

माधव


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