झारखंड राज्यसभा चुनाव: बैद्यनाथ राम, प्रणव झा और परिमल नथवाणी ने नामांकन पत्र दाखिल किया

झारखंड राज्यसभा चुनाव: बैद्यनाथ राम, प्रणव झा और परिमल नथवाणी ने नामांकन पत्र दाखिल किया

झारखंड राज्यसभा चुनाव: बैद्यनाथ राम, प्रणव झा और परिमल नथवाणी ने नामांकन पत्र दाखिल किया
Modified Date: June 8, 2026 / 05:36 pm IST
Published Date: June 8, 2026 5:36 pm IST

रांची, आठ जून (भाषा) झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने राज्य की दो राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए सोमवार को अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इन सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होना है।

आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य परिमल नथवाणी ने भी इस चुनाव के लिए एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

उन्होंने झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अन्य राजनीतिक दलों के समर्थन से जीत दर्ज करने का भरोसा जताया।

विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवारों बैद्यनाथ राम और प्रणव झा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के विधायक अरूप चटर्जी और राष्ट्रीय जनता दल के विधायक सुरेश पासवान की उपस्थिति में विधानसभा में अपना नामांकन दाखिल किया।

वर्ष 2008 से 2020 के बीच झारखंड से दो बार राज्यसभा सदस्य रह चुके नथवाणी ने भाजपा के रांची से विधायक सी. पी. सिंह और हटिया के विधायक नवीन जायसवाल की मौजूदगी में अपने नामांन पत्र दाखिल किए।

अधिकारियों ने बताया कि नामांकन पत्र विधानसभा सचिव रंजीत कुमार के समक्ष प्रस्तुत किए गए।

सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों ने दावा किया कि वे दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेंगे, क्योंकि गठबंधन के पास चुनाव जीतने के लिए आवश्यक संख्या बल है।

नामांकन दाखिल करने के बाद राम ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमें झारखंड की दोनों राज्यसभा सीटें जीतने का पूरा भरोसा है, क्योंकि हमारे पास आवश्यक संख्या बल है।’ वहीं, झा ने कहा कि वह ‘इंडिया’ गठबंधन के विधायकों के समर्थन से जीत हासिल करेंगे।

राज्य की दो राज्यसभा सीटों में से एक सीट झामुमो के सह-संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई है। दूसरी रिक्ति भाजपा सदस्य दीपक प्रकाश का छह साल का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने के कारण हो रही है।

नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद विधानसभा परिसर में नथवाणी ने संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे झारखंड के लिए काम करना है, और मैंने अपने पिछले दो कार्यकालों के दौरान ऐसा किया भी है। राज्य में अपने काम के आधार पर मैं सभी राजनीतिक दलों से समर्थन मांगूंगा। भाजपा ने अपना समर्थन दिया है, मैंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की है और कांग्रेस विधायकों से भी समर्थन मांगा है।’

उन्होंने कहा, ‘झारखंड मेरी कर्मभूमि रहा है और मैंने राज्य में सभी क्षेत्रों में काम किया है। अगर मुझे एक और मौका मिला, तो मैं राज्य के लिए और अधिक काम करूंगा।’

इससे पहले, भाजपा की झारखंड इकाई ने राज्य की दो राज्यसभा सीटों में से एक पर अपना उम्मीदवार उतारने की घोषणा की थी।

दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने आरोप लगाया कि भाजपा नथवाणी का समर्थन करके ‘विधायकों की खरीद-फरोख्त’ को बढ़ावा देना चाहती है।

उन्होंने दावा किया कि ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी सदस्य एकजुट हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे।

इस चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया एक जून को शुरू हुई थी, जबकि चुनाव 18 जून को होगा।

जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के न्यूनतम 28 मत हासिल करने की आवश्यकता होती है।

झारखंड विधानसभा में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के पास कुल 56 सदस्य हैं, जिनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल के चार और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के दो विधायक शामिल हैं।

दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास 24 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 21 और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), आजसू पार्टी एवं जनता दल (यूनाइटेड) के एक-एक विधायक शामिल हैं। इसके अलावा, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के पास एक विधायक है।

भाषा

सुमित दिलीप

दिलीप


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