आबकारी मामले में न्यायमूर्ति के साथ गतिरोध के बीच केजरीवाल राजघाट पहुंचे

आबकारी मामले में न्यायमूर्ति के साथ गतिरोध के बीच केजरीवाल राजघाट पहुंचे

आबकारी मामले में न्यायमूर्ति के साथ गतिरोध के बीच केजरीवाल राजघाट पहुंचे
Modified Date: April 28, 2026 / 02:21 pm IST
Published Date: April 28, 2026 2:21 pm IST

(तस्वीरों सहित)

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत पार्टी के अन्य नेता मंगलवार को राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को नमन किया।

यह घटनाक्रम केजरीवाल की ओर से आबकारी मामले में व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से अदालत में पेश न होने और सत्याग्रह का मार्ग अपनाने का निर्णय लिये जाने के बीच सामने आया है।

केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि वे आबकारी मामले में उनकी अदालत में अपना पक्ष नहीं रखेंगे।

राजघाट पर केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण हमें यह सत्याग्रह करना पड़ रहा है। मैंने उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति को लिखे पत्र में सभी विवरण दे दिए हैं।’’

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज मनीष जी और अन्य साथियों के साथ राजघाट पहुंच कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को नमन किया। मेरी बापू से यही प्रार्थना है कि उनके दिखाए ‘सत्याग्रह’ के मार्ग पर चलने के हमारे संकल्प को वे सदैव शक्ति दें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा अटूट विश्वास है कि बापू के आशीर्वाद से, सत्याग्रह के इस कठिन पथ पर हम पूर्ण निष्ठा के साथ अडिग रहेंगे।’’

सोमवार को लिखे पत्र में महात्मा गांधी के सिद्धांतों और सत्याग्रह की भावनाओं का उल्लेख करते हुए केजरीवाल ने कहा कि उनका मकसद ‘‘न्यायपालिका को मजबूत करना और उसे कमजोर होने से बचाना’’ है।

मंगलवार को सिसोदिया ने भी न्यायमूर्ति शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि वह आबकारी मामले में उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

सिसोदिया ने कहा, ‘‘मेरी ओर से कोई वकील भी पेश नहीं होगा। आपके बच्चों का भविष्य तुषार मेहता के हाथों में है।’’

उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय की कोई उम्मीद नहीं है और सत्याग्रह के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।

भाषा खारी अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में