केजरीवाल का योगी पर पलटवार, बोले- ‘दान गबन’ के आरोपी आपकी कुर्सी के भी पीछे हैं

केजरीवाल का योगी पर पलटवार, बोले- ‘दान गबन’ के आरोपी आपकी कुर्सी के भी पीछे हैं

केजरीवाल का योगी पर पलटवार, बोले- ‘दान गबन’ के आरोपी आपकी कुर्सी के भी पीछे हैं
Modified Date: June 26, 2026 / 09:22 pm IST
Published Date: June 26, 2026 9:22 pm IST

अयोध्या, 26 जून (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर में दान के कथित गबन में शामिल लोग मुख्यमंत्री को भी पद से हटाने की साजिश रच रहे हैं।

अयोध्या में संवाददाताओं से बातचीत में केजरीवाल ने कहा, ‘‘मैं योगी जी से कहना चाहता हूं कि महाराज जी, ये ‘दान चोर’ आपको भी हटाने की साजिश रच रहे हैं। वे आपकी कुर्सी के भी पीछे हैं। आप उन लोगों के साथ क्यों खड़े हैं, जिन्होंने इतना बड़ा पाप किया है? मेरी लड़ाई यह है कि इन ‘दान चोरों’, इन राक्षसों को सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी चाहिए। कृपया इस लड़ाई में मेरा साथ दें। इन महान पापियों का समर्थन न करें।’’

केजरीवाल की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा देवरिया में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए, उनका नाम लिए बिना की गई टिप्पणी के कुछ ही देर बाद आई।

मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘‘इन दिनों दिल्ली से एक सज्जन भी यहां आए हैं। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि दिल्ली के लोगों ने उन्हें सेवा करने के लिए 15 साल दिए, लेकिन उन्होंने दिल्ली को बर्बाद कर दिया और केवल भ्रष्टाचार फैलाया। आज अयोध्या को देखें और देखें कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने नौ वर्षों में इसे कैसे बदल दिया है। फिर वापस जाएं और पश्चाताप करें।’’

दोनों नेताओं के बीच यह बयानबाजी राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और कीमती सामान के कथित गबन को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुई है। मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है, जबकि अयोध्या पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दो सदस्यों के नैतिक आधार पर कथित इस्तीफे की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि केवल इस्तीफा देना पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘नैतिकता की बात करना और इस्तीफा देना सबसे आसान काम है। मैंने एक भी रुपया नहीं चुराया, फिर भी मुझे जेल भेज दिया गया। मनीष सिसोदिया और कई अन्य लोगों को भी जेल भेजा गया। लेकिन जिन लोगों ने भगवान राम के घर में इतनी बड़ी डकैती की, क्या उन्हें सिर्फ इस्तीफा दे देना चाहिए?’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें पहले सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी चाहिए। और उनके ऊपर के लोगों का क्या? ये लोग केवल माध्यम थे। देश को पता चलना चाहिए कि इस पूरी कथित लूट का पैसा कहां गया, कितना पैसा लिया गया और उसका क्या हुआ।’’

केजरीवाल ने एसआईटी जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पूरी जांच सवालों के घेरे में है, क्योंकि जो लोग असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, वे खुद इसमें शामिल हैं। ऐसा नहीं है कि प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है, बल्कि वे खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पहले मंदिर का दान लूटा गया और अब फर्जी प्राथमिकी तथा जांच के माध्यम से लोगों के जख्मों पर नमक छिड़का जा रहा है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या प्राथमिकी दर्ज होने और कार्रवाई में तेजी उनकी पार्टी द्वारा बनाए गए दबाव का परिणाम है, केजरीवाल ने कहा, ‘‘मैं बहुत छोटा आदमी हूं। मैं भगवान राम और भगवान हनुमान का भक्त हूं। मेरा मन बहुत आहत है और मैं एक मिशन पर हूं। मैं केवल भगवान से प्रार्थना करता हूं कि इस मिशन में सफल हो जाऊं।’’

भाषा

किशोर, जफर रवि कांत


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