केरल विधानसभा ने निवास पहचान पत्र संबंधी विधेयक पारित किया

केरल विधानसभा ने निवास पहचान पत्र संबंधी विधेयक पारित किया

केरल विधानसभा ने निवास पहचान पत्र संबंधी विधेयक पारित किया
Modified Date: February 24, 2026 / 05:09 pm IST
Published Date: February 24, 2026 5:09 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 24 फरवरी (भाषा) केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में निवास पहचान पत्र संबंधी विधेयक पारित कर दिया।

विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच मौजूदा सत्र में सदन के शेष सभी विधायी और वित्तीय कार्यों को भी जल्दबाजी में निपटा लिया गया।

निवास संबंधी पहचान पत्र ‘नेटिविटी कार्ड’ केरल सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक पहचान पत्र होगा, जो प्रमाणित करेगा कि व्यक्ति केरल का मूल निवासी है।

यह पहचान पत्र उन व्यक्तियों को जारी किया जा सकेगा, जिनका जन्म राज्य में हुआ है या जिनके कम से कम एक पूर्वज केरल से संबंधित रहे हों, बशर्ते उन्होंने किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण न की हो।

जब विधेयक को चर्चा के लिए सदन में रखा गया और उसे पारित किया गया, उस समय कांग्रेस नीत यूडीएफ की अनुपस्थिति की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत सत्तारूढ़ गठबंधन ने आलोचना की।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केरल में विपक्ष प्रभावी नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वे चर्चा से डरते हैं। आगामी चुनावों से पहले विधानसभा सत्र का आज आखिरी दिन है। विपक्ष से उम्मीद थी कि वह प्रशासन को परेशान करने के लिए शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाएगा। चूंकि उनके पास उठाने के लिए ऐसे कोई मुद्दे नहीं थे, इसलिए उन्होंने सदन की कार्यवाही का पूरी तरह बहिष्कार करने का फैसला किया।’’

उन्होंने कहा कि यह विधेयक ऐसे दौर में पारित हुआ है, जब देश में समाज का एक तबका अपने अधिकारों और पहचान को लेकर आशंकित महसूस कर रहा है।

विजयन ने कहा, ‘‘लेकिन, इस विधेयक के चलते केरल के लोगों को ऐसी किसी भी तरह की आशंका रखने की जरूरत नहीं है। उन्हें अपना निवास स्थान साबित करने का प्रमाण पत्र मिल जाएगा। इसे कोई अस्वीकार नहीं कर सकता। देश की मौजूदा स्थिति में हमारा राज्य एक सुरक्षित स्थान है।’’

कार्यसूची के अनुसार जिन विधेयकों पर विषय समिति की रिपोर्ट पेश की जानी थी, उन्हें भी विचारार्थ लिया गया। कुछ विधायकों द्वारा सुझाए गए संशोधनों को स्वीकार किया गया और बिना किसी चर्चा के सदन ने उन्हें पारित कर दिया।

राज्य के वित्त मंत्री के एन बालागोपाल ने निवास पहचान पत्र विधेयक के पारित होने को केरल के लिए एक ‘‘ऐतिहासिक क्षण’’ बताया, क्योंकि इस कानून का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों की रक्षा करना है।

उन्होंने तर्क दिया कि यदि कांग्रेस नीत यूडीएफ इन मुद्दों को लेकर गंभीर होता, तो वे सदन की कार्यवाही में भाग लेते।

राज्य विधानसभा में विपक्षी एकीकृत लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सदस्यों की गैरमौजूदगी में इस विधेयक को सोमवार को पेश किया गया। विपक्ष ने शबरिमला सोना चोरी मामले को लेकर कार्यवाही का बहिष्कार किया था।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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