केरल विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर केंद्र से राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधार का आग्रह किया

केरल विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर केंद्र से राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधार का आग्रह किया

केरल विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर केंद्र से राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधार का आग्रह किया
Modified Date: June 30, 2026 / 03:18 pm IST
Published Date: June 30, 2026 3:18 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 30 जून (भाषा) केरल विधानसभा ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) से जुड़ी कथित अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करने का आग्रह किया गया है।

राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने सदन में यह प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि नीट से जुड़ी गड़बड़ी और प्रश्न पत्र लीक की घटनाएं विशेष रूप से पिछले तीन वर्षों में बार-बार हुई हैं।

जॉन ने कहा कि परीक्षा के आयोजन में कथित अनियमितताओं के कारण छात्रों द्वारा आत्महत्या करने के कई मामले सामने आए हैं।

उन्होंने दावा किया कि पिछले साल नीट में गड़बड़ी की वजह से 30 छात्रों ने आत्महत्या की थी और इस साल 14 आत्महत्याएं हुई हैं। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मामले को लेकर उदासीन बनी हुई है।

मंत्री ने यह भी दावा किया कि जब से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) यह परीक्षा आयोजित कर रही है, प्रश्न पत्र लीक होने की कई घटनाएं हुई हैं।

इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए माकपा नेता के. प्रेमकुमार ने कहा कि विधानसभा ने 2024 में भी केंद्र का ध्यान नीट के आयोजन में हुई गड़बड़ी की ओर दिलाया था।

कांग्रेस नेता ए. शौकत ने आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी के नेता ही इन गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार कुकुरमुत्ते की तरह उग रहे कोचिंग संस्थानों पर नजर रखे। उनका दावा है कि ये संस्थान प्रश्न पत्र लीक के पीछे काम करने वाले ‘‘माफिया’’ का ही हिस्सा हैं।

वहीं, भाजपा विधायक वी. मुरलीधरन ने कहा कि नीट की शुरुआत सबसे पहले 2010 में संप्रग सरकार के समय हुई थी और 2013 में हुई पहली नीट परीक्षा को उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया था।

उन्होंने यह भी कहा कि इस साल एनटीए के कुछ अधिकारियों की गलती की वजह से नीट के आयोजन में गड़बड़ियां हुईं और केंद्र सरकार ने सुधारात्मक कदम उठाते हुए यह परीक्षा दोबारा आयोजित की।

भाषा सुभाष दिलीप

दिलीप


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