मलप्पुरम, 27 अगस्त (भाषा) केरलम के मल्लपुरम में 33 वर्षीय एक ऑटो चालक ने मोटर वाहन विभाग (एमवीडी) पर उसके वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान किझिस्सेरी के पास पुलियाकोड के मुंडापरंबु निवासी शौकत के रूप में हुई है और वह पिछले चार वर्षों से ऑटो चलाने का काम कर रहा था।
परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने उप क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर रिपोर्ट मांगी है।
वहीं, विभिन्न ऑटो चालक और कर्मचारी यूनियनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर किझिस्सेरी में विरोध मार्च निकाला।
पुलिस के अनुसार, शौकत ने ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया था कि एजेंटों की मदद लिए बिना सीधे अधिकारियों से संपर्क करने के बाद भी मोटर वाहन विभाग ने उसके ऑटो का फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया, जिससे उसकी आजीविका प्रभावित हुई।
पुलिस ने बताया कि पोस्ट देखने के बाद शौकत के दोस्तों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी और उसके घर पहुंचे, जहां वह मृत पाया गया।
शौकत ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया था कि वह अपने वाहन के सिलसिले में पिछले 10 महीने से विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था।
शौकत ने दावा किया कि फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं मिलने के कारण वह गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था।
उसने पोस्ट में कहा था कि वह अपनी ईएमआई का भुगतान नहीं कर पा रहा था और उसका क्रेडिट स्कोर 820 से गिरकर 600 हो गया था।
शौकत ने आरोप लगाया था कि जांच के दौरान अधिकारी यह दावा कर सकते हैं कि उसके वाहन में स्टील से किए गए कुछ बदलावों के कारण वह फिटनेस के योग्य नहीं था।
उसने पोस्ट में दावा किया कि अधिकारियों ने पहले दो बार प्रमाणित किया था कि वाहन में किए गए ये बदलाव गैरकानूनी नहीं थे।
अरीकोड थाने में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने बताया कि सरकार ने परिवहन विभाग की सचिव टी वी अनुपमा को शौकत की मौत की व्यापक जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
जॉन ने एक बयान में इस घटना को ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक’’ बताया। उन्होंने कहा कि दो दिन के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी गई है।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग की सचिव यह जांच करेंगी कि यह वाहन की जांच या उसके बाद की प्रक्रिया के दौरान मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों की ओर से कोई लापरवाही बरतने या उत्पीड़न करने का मामला तो नहीं है।
जॉन ने कहा कि सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि विभाग के अधिकारी अपने काम के जरिए आजीविका कमाने वाले लोगों को परेशान न करें और आम जनता के साथ अधिक मित्रवत तरीके से पेश आएं।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी।
इस बीच, विभिन्न ऑटो चालक और कर्मचारी यूनियनों ने मोटर वाहन विभाग के खिलाफ आरोप लगाते हुए किझिस्सेरी में विरोध मार्च निकाला।
भाषा जितेंद्र संतोष
संतोष