केरल के मुख्यमंत्री, मंत्रियों ने करुणाकरण की 108वीं जयंती पर उन्हें दी श्रद्धांजलि

केरल के मुख्यमंत्री, मंत्रियों ने करुणाकरण की 108वीं जयंती पर उन्हें दी श्रद्धांजलि

केरल के मुख्यमंत्री, मंत्रियों ने करुणाकरण की 108वीं जयंती पर उन्हें दी श्रद्धांजलि
Modified Date: July 5, 2026 / 01:17 pm IST
Published Date: July 5, 2026 1:17 pm IST

तिरुवनंतपुरम, पांच जुलाई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और राज्य के मंत्रियों ने रविवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता के. करुणाकरण की 108वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

करुणाकरण का जन्म पांच जुलाई 1918 को हुआ था और 23 दिसंबर 2010 को उनका निधन हो गया था। वह चार बार केरल के मुख्यमंत्री रहे और उन्हें राज्य के सबसे प्रभावशाली कांग्रेस नेताओं में से एक माना जाता था।

सतीशन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में करुणाकरण को एक ऐसा असाधारण नेता बताया, जिनमें किसी भी संकट का उल्लेखनीय कौशल और धैर्य के साथ सामना करने की दुर्लभ क्षमता थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वह ऐसे नेता थे जो पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं का अत्यंत सम्मान करते थे और उनसे बेहद प्रेम करते थे। पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं के प्रति इतना सम्मान और स्नेह दिखाने वाला शायद ही कोई दूसरा नेता इतिहास में हुआ हो।’’

उन्होंने कहा कि करुणाकरण अपने विचारों पर दृढ़ रहने के साथ ही व्यवहार में विनम्र थे और उन्होंने राजनीतिक सीमाओं से परे मित्रता बनाए रखी।

सतीशन ने कहा, ‘‘केवल उनके समर्थक ही नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक विरोधी भी उन्हें ‘लीडर’ कहते थे। करुणाकरण जैसा दूसरा राजनीतिक चाणक्य शायद ही कभी हुआ हो।’’

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष और विद्युत मंत्री सनी जोसेफ ने भी फेसबुक पर करुणाकरण की तस्वीर साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. एम. सुधीरन ने त्रिशूर में संवाददाताओं से कहा कि ‘लीडर’ के नाम से लोकप्रिय करुणाकरण ने केरल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वह राज्य की सबसे महान राजनीतिक हस्तियों में से एक रहे।

उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने कहा कि केरल ने कई योग्य नेता दिए लेकिन ‘लीडर’ केवल एक थे-करुणाकरण।

उन्होंने कहा कि करुणाकरण केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नेता नहीं थे, बल्कि सभी वर्गों में सम्मानित नेता थे। मुख्यमंत्री के रूप में उनके चार कार्यकाल को याद करते हुए रोजी ने कहा कि विकास को लेकर करुणाकरण की सोच बेजोड़ थी।

राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि करुणाकरण से मिली राजनीतिक सीख, वर्षों तक मिला उनका स्नेह और उनके व्यक्तित्व का गहरा प्रभाव आज भी उनका मार्गदर्शन करता है।

आबकारी मंत्री एम. लिजू ने कहा कि करुणाकरण ऐसे एकमात्र राजनेता थे, जिन्होंने साबित किया कि नेतृत्व अपने आप में एक कला है।

उन्होंने कहा कि करुणाकरण ने निर्णय लेने की क्षमता और फैसलों को लागू करने के असाधारण संकल्प के कारण ‘लीडर’ के रूप में नाम कमाया।

लिजू ने कहा कि सात दशक लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने केरल के राजनीतिक परिदृश्य को नया रूप दिया।

श्रम मंत्री बिंदु कृष्णा ने कहा कि करुणाकरण उनके पूरे राजनीतिक जीवन में उनके लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बने रहे। उन्होंने कहा कि वह अपने प्रिय नेता करुणाकरण की स्मृति को सादर श्रद्धांजलि अर्पित करती हैं।

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना


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