केरल : एक ही क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहा दंपति, पति लोकसभा में और पत्नी विधानसभा में
केरल : एक ही क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहा दंपति, पति लोकसभा में और पत्नी विधानसभा में
पलक्कड़, छह मई (भाषा) केरल के पलक्कड़ जिले में एक दिलचस्प सियासी घटनाक्रम सामने आया है जहां एक दंपति क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं-पति संसद में और पत्नी राज्य विधानसभा में।
हाल में संपन्न केरल विधानसभा चुनाव में जब कांग्रेस उम्मीदवार केए तुलसी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का गढ़ कहलाने वाली कोंगड सीट जीती, तो यह घटनाक्रम केवल एक चुनावी उलटफेर से कहीं अधिक था।
कोंगड में तुलसी ने माकपा उम्मीदवार के सांताकुमारी को 3,706 से अधिक मतों के अंतर से हराकर राज्य विधानसभा में दस्तक दी। वह एक ऐसे क्षेत्र से विधायक चुनी गईं, जो उनके पति एवं कांग्रेस सांसद वीके श्रीकंदन के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है।
तुलसी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि जिस दिन उन्हें उम्मीदवार घोषित किया गया, उसी दिन से उनका चुनाव प्रचार अभियान शुरू हो गया।
तुलसी ने कहा कि चुनावी रणनीति पहले से ही बननी शुरू हो गई थी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने समन्वित तरीके से काम किया।
उन्होंने कहा, “कोई नकारात्मकता नहीं थी। लोगों ने गर्मजोशी से प्रतिक्रिया दी।”
तुलसी ने कहा कि पूरे चुनाव प्रचार अभियान के दौरान श्रीकंदन लगातार उनके साथ रहे। उन्होंने बताया कि श्रीकंदन ने यूडीएफ के अन्य उम्मीदवारों के समर्थन में भी जमकर प्रचार किया।
श्रीकंदन लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। वह कांग्रेस की पलक्कड़ जिला इकाई के अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें जमीनी हकीकत और चुनावी दबाव, दोनों की बेहतरीन समझ है।
श्रीकंदन के मुताबिक, जब पार्टी नेताओं ने पहली बार पूछा कि क्या शिक्षाविद और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) की महासचिव तुलसी चुनाव जीत सकती हैं, तो वह कुछ देर के लिए सोच में पड़ गए थे।
चूंकि, कोंगड श्रीकंदन के लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, इसलिए उनका जवाब मायने रखता था। उन्होंने तुलसी की जीत का भरोसा जताया। तुलसी उनके भरोसे पर खरी उतरीं और कोंगड से विधायक चुनी गईं।
श्रीकंदन ने कहा कि विधायक के रूप में तुलसी की पहचान अपने आप में ही काफी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “तुलसी को एक स्वतंत्र विधायक के रूप में काम करना चाहिए, जिनसे आम लोग बेझिझक संपर्क कर सकें।”
तुलसी ने श्रीकंदन की बात से इत्तफाक जताया। उन्होंने कहा, “मतदाताओं ने अपने वोट के माध्यम से मेरे प्रति जो प्यार दिखाया है, मैं अपने काम के जरिये उसे लौटाऊंगी।”
भाषा पारुल पवनेश
पवनेश

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