केरल के चिकित्सकों ने आईएमए द्वारा आहूत ‘राष्ट्रीय प्रदर्शन दिवस’ में लिया हिस्सा

केरल के चिकित्सकों ने आईएमए द्वारा आहूत ‘राष्ट्रीय प्रदर्शन दिवस’ में लिया हिस्सा

केरल के चिकित्सकों ने आईएमए द्वारा आहूत ‘राष्ट्रीय प्रदर्शन दिवस’ में लिया हिस्सा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:07 pm IST
Published Date: June 18, 2021 8:27 am IST

तिरुवनंतपुरम, 18 जून (भाषा) विभिन्न राज्यों में चिकित्सकों पर हाल ही में हुए हमलों के खिलाफ आहूत भारतीय चिकित्सक संघ (आईएमए) के ‘राष्ट्रीय प्रदर्शन दिवस’ के साथ एकजुटता दिखाते हुए केरल में राज्यभर में शुक्रवार को चिकित्सकों ने प्रदर्शन किए और ‘‘यौद्धाओं को बचाओ’’ के नारे लगाए।

सरकारी और निजी क्षेत्र के चिकित्सकों ने सचिवालय के सामने, यहां राज्य प्रशासनिक केन्द्र और अस्पतालों के अलावा विभिन्न जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया। सचिवालय के सामने चिकित्सक भी हाथ में तख्ती लिए नजर आए। आईएमए के प्रदेश प्रमुख डॉ. पीटी ज़कैरियस, राज्य सचिव डॉ. पी गोपाकुमार और ‘केरल गवर्नमेंट मेडिकल ऑफिसर्स’ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जीएस विजय कृष्णन ने भी यहां ‘जनरल हॉस्पिटल’ के सामने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

सूत्रों ने बताया कि कोविड-19 के कारण प्रदर्शन से अस्पतालों का संचालन प्रभावित ना हो यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य के हर केन्द्र पर केवल पांच लोगों ने ही प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इसलिए प्रदर्शन से अस्पतालों में ‘आउट पेशेंट’ (ओपी) या अन्य सेवाएं प्रभावित नहीं हुई। चिकित्सकों की प्रमुख मांग अस्पतालों को ‘‘विशेष संरक्षित केन्द्र’’ घोषित करना है।

इस बीच, राज्य की राजधानी में बृहस्पतिवार को स्थानीय पुलिस ने मेनाम्कुलम के एक व्यक्ति के खिलाफ निजी अस्पताल में एक चिकित्सक को ड्यूटी पर धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

शीर्ष चिकित्सक संघ आईएमए ने हाल ही में असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और अन्य स्थानों पर चिकित्सकों पर हुए हमलों को ‘‘बेहद परेशान’’ करने वाला करार दिया था। उसने भादंस और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के साथ केन्द्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर संरक्षण अधिनियम के क्रियान्वयन, प्रत्येक अस्पताल में सुरक्षा का मानकीकरण एवं वृद्धि और अस्पतालों को संरक्षित क्षेत्रों घोषित करने की मांग की है।

भाषा निहारिका शाहिद

शाहिद


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