केरल उच्च न्यायालय ने ईडी अधिकारियों पर हमला मामले में चार और आरोपियों को जमानत दी

केरल उच्च न्यायालय ने ईडी अधिकारियों पर हमला मामले में चार और आरोपियों को जमानत दी

केरल उच्च न्यायालय ने ईडी अधिकारियों पर हमला मामले में चार और आरोपियों को जमानत दी
Modified Date: August 6, 2026 / 11:18 am IST
Published Date: August 6, 2026 11:18 am IST

कोच्चि, छह अगस्त (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने इस साल मई में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के घर पर छापेमारी के लिए गए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमला करने के आरोपी चार और लोगों को जमानत दे दी है।

उच्च न्यायालय ने बुधवार को इस मामले में निदिन राज, शाहीन, विजय एस एल और शाइजू सलीम को जमानत दे दी।

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के अनुसार जांच लगभग पूरी हो चुकी है, आरोपियों का कोई गंभीर अपराध का पिछला रिकॉर्ड नहीं है और पीड़ितों को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

वहीं, न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागाथ ने कहा कि केस डायरी देखने से पता चलता है कि चारों पर लगे आरोप बहुत गंभीर हैं और (प्रथम दृष्टया) ये उनकी ओर से पहले से सोच-समझ कर किए गए आपराधिक कृत्य की ओर इशारा करते हैं।

उच्च न्यायालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में मामले में 13 अन्य आरोपियों को भी जमानत दी थी।

बुधवार को इस मामले में चार और लोगों को जमानत मिलने के साथ ही कुल 18 आरोपियों को राहत मिल गई है। इनमें से एक को अधीनस्थ अदालत से जमानत मिली थी।

अदालत ने बुधवार को आरोपियों को एक-एक लाख रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि के दो मुचलके जमा करने के बाद जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

अदालत ने कई शर्तें भी लगाईं और कहा कि आरोपियों को जांच में पूरा सहयोग करना होगा, हर शनिवार सुबह 10 बजे से 11 बजे के बीच और जरूरत पड़ने पर जांच अधिकारी के सामने पेश होना होगा। साथ ही, तिरुवनंतपुरम के कैंटोनमेंट थाना क्षेत्र में जाने से बचना होगा और संबंधित मजिस्ट्रेटी अदालत में प्रत्येक को 10-10 हजार रुपये जमा करने होंगे।

अदालत ने उन्हें यह भी निर्देश दिया कि जमानत पर रहने के दौरान वे इस तरह का कोई ऐसा ही अपराध नहीं करें, अभियोजन पक्ष के गवाहों से किसी भी तरह से संपर्क नहीं करें, उन्हें प्रभावित या डराएं-धमकाएं नहीं, और अधीनस्थ अदालत की अनुमति के बिना राज्य से बाहर नहीं जाएं।

ईडी ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा कि 27 मई को उसके अधिकारियों पर हुए हमले को सामान्य कानून-व्यवस्था की घटना या अचानक हुआ जन-विरोध नहीं माना जा सकता क्योंकि यह हमला कई घंटों तक चली छापेमारी की कार्रवाई के बाद हुआ था।

ईडी की यह कार्रवाई विजयन की बेटी की कंपनी और रेत खनन कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) के बीच हुए वित्तीय लेन-देन से जुड़ी थी।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि विजयन की बेटी टी. वीना और उनकी कंपनी ‘एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस’ को सीमएआरएल से 2017 और 2020 के बीच आईटी और कंसल्टेंसी सेवाओं के लिए भुगतान मिला था जबकि कथित तौर पर ये सेवाएं कभी दी ही नहीं गईं।

वीना और सीमएआरएल ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है और कहा है कि ये भुगतान एक वैध व्यावसायिक समझौते का हिस्सा थे।

ईडी के अनुसार, जब उसके अधिकारी तलाशी के बाद लौट रहे थे तो एक भीड़ ने उनकी गाड़ियों पर हमला कर दिया, जिसमें कथित तौर पर एक ड्राइवर, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक अधिकारी और तलाशी टीम का एक सदस्य घायल हो गया।

भाषा सुरभि रंजन

रंजन


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