केरल के उच्च शिक्षा मंत्री ने ‘भगवाकरण’ के आरोप को किया खारिज, माकपा पर किया पलटवार

केरल के उच्च शिक्षा मंत्री ने ‘भगवाकरण’ के आरोप को किया खारिज, माकपा पर किया पलटवार

केरल के उच्च शिक्षा मंत्री ने ‘भगवाकरण’ के आरोप को किया खारिज, माकपा पर किया पलटवार
Modified Date: June 9, 2026 / 06:07 pm IST
Published Date: June 9, 2026 6:07 pm IST

कोट्टायम (केरल) नौ जून (भाषा) केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन ने माकपा और उसकी छात्र इकाई स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) द्वारा लगाये गए इन आरोपों को मंगलवार को खारिज कर दिया कि यूडीएफ सरकार राज्यपाल और कुलाधिपति राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा की गई नियुक्तियों के जरिये विश्वविद्यालयों में ‘‘भगवाकरण’’ को बढ़ावा दे रही है।

जॉन ने आरोपों पर संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ‘‘भगवाकरण’’ का पुरजोर विरोध करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार किसी भी सूरत में भगवाकरण का समर्थन नहीं करती। हमने शुरू से यही कहा है। पहले भी यही कहा था। यही हमारा रुख है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार हर प्रकार के भगवाकरण का प्रतिरोध करेगी।’’

मंत्री ने आलोचनाओं का जवाब देते हुए माकपा नीत पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार पर भी निशाना साधा और उस पर विश्वविद्यालयों में इस तरह के हस्तक्षेप की अनुमति देने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग अब आलोचना कर रहे हैं, उन्हें अपने कार्यकाल में हुई घटनाओं पर विचार करना चाहिए। केरल में विश्वविद्यालयों के दैनिक कामकाज में कुलाधिपति या राज्यपाल के हस्तक्षेप की यह परिपाटी एलडीएफ सरकार के कार्यकाल में ही शुरू हुई थी।’’

जॉन ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और संघ परिवार समर्थक समाचार पत्र से जुड़े व्यक्तियों को यहां महात्मा गांधी विश्वविद्यालय सहित विश्वविद्यालय निकायों में नियुक्त किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘संघ परिवार समर्थक दैनिक में आलेख लिखने वालों सहित कई लोगों को विश्वविद्यालय की सीनेट और सिंडिकेट में नियुक्त किया गया था। इसी तरह, भाजपा या आरएसएस से जुड़े लोगों को भी सीनेट और सिंडिकेट में नियुक्त किया गया था तथा पूर्ववर्ती (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में कई लोगों को कुलपति भी नियुक्त किया गया था। हम सभी इस बात से अवगत हैं।’’

वामपंथी समूहों द्वारा किये जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए मंत्री ने कहा कि पहले इसी तरह की घटनाओं के दौरान वे चुप रहे थे।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘जो लोग अब आंदोलन कर रहे हैं, वे उस समय क्या कर रहे थे?’’

जॉन ने आरोप लगाया कि राज्यपाल और पूर्ववर्ती सरकार के बीच टकराव सुनियोजित था।

सरकार के रुख को दोहराते हुए जॉन ने कहा, ‘‘जहां तक ​​इस सरकार का सवाल है, वह किसी भी सूरत में भगवाकरण का समर्थन नहीं करती। मैंने यह बात पहले भी कही है। मैं अपने रुख पर कायम हूं।’’

भाषा सुभाष माधव

माधव


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