केरल: चार साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

केरल: चार साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

केरल: चार साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा
Modified Date: March 1, 2026 / 01:29 pm IST
Published Date: March 1, 2026 1:29 pm IST

कोल्लम (केरल), एक मार्च (भाषा) केरल के कोल्लम जिले की एक अदालत ने चार साल की बच्ची को प्रताड़ित और उसका यौन उत्पीड़न करने के जुर्म में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

पुनालुर त्वरित अदालत (पॉक्सो अधिनियम मामले) के विशेष न्यायाधीश अरविंद बी. एदयोदी ने शुक्रवार को नागपट्टिनम निवासी और वर्तमान में कचेरी में रह रहे कलैवानन कामराज को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

अदालत ने दोषी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

अदालत ने आरोपी को बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा छह के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

आरोपी को तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) व किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी कारावास की सजा सुनाई गई और ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, बच्ची अपनी मां और कामराज के साथ किराए के मकान में रहती थी।

अभियोजन पक्ष ने बताया, 12 मई से 15 जून 2023 के बीच आरोपी ने बच्ची को पीटा, उसकी छाती व पैरों पर जलती हुई सिगरेट लगाई और उसका यौन उत्पीड़न किया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, घटना का पता तब चला जब एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कनिष्ठ नर्स बच्ची के परिवार के घर गई और बच्ची की चोटों को देखने के बाद उसने चाइल्डलाइन अधिकारियों को सूचित किया।

इसके बाद बच्ची व उसकी बहन को एक बाल देखभाल संस्थान में भेज दिया गया और कोल्लम पश्चिम पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

अदालत ने पाया कि अपराध के समय बच्ची की उम्र पांच वर्ष से कम थी और आरोपी ने बार-बार उसे शारीरिक चोट पहुंचाई।

अदालत ने कहा कि आरोपी ने मां को यह कहकर बहलाया कि बच्ची में एक बुरी आत्मा प्रवेश कर जाएगी और उसने पीड़िता को बुरी आत्मा से ‘मुक्ति’ दिलाने के बहाने प्रताड़ित किया।

अदालत ने कहा, “लंबे समय तक यह दुर्व्यवहार होता रहा, जो न्यायिक विवेक को झकझोरने वाला है।”

भाषा जितेंद्र गोला

गोला


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