केरल पुलिस ने बिना अनुमति वीडियो प्रसारित करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी
केरल पुलिस ने बिना अनुमति वीडियो प्रसारित करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी
तिरुवनंतपुरम, आठ जून (भाषा) केरल पुलिस ने मोबाइल फोन के कैमरों से लोगों की निजता में दखल देने की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ सोमवार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की निजी तस्वीरें या वीडियो उसकी अनुमति के बिना रिकॉर्ड करना और उन्हें प्रसारित करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
पुलिस ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि लोगों की पीड़ा, मौत, आपदाओं और दुर्घटनाओं से जुड़ी घटनाओं का इस्तेमाल कुछ लोग सोशल मीडिया मंच पर ‘व्यूज’ और ‘लाइक’ बंटोरने के लिए सामग्री के रूप में कर रहे हैं।
पोस्ट में कहा गया है, “लोगों की निजता में अनावश्यक हस्तक्षेप और ताकझांक उनके मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता का उल्लंघन है।”
पुलिस ने कहा कि निजता का अधिकार संविधान के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकार है और बिना सहमति के किसी व्यक्ति की निजी तस्वीरें या वीडियो रिकॉर्ड करना या साझा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम 2000 की धारा-66ई का हवाला देते हुए कहा कि बिना अनुमति तस्वीरें या वीडियो रिकॉर्ड और प्रसारित करके किसी व्यक्ति की निजता का उल्लंघन करने पर तीन साल तक के कारावास या दो लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों की सजा हो सकती है।
पुलिस की यह टिप्पणी रविवार को मलयालम अभिनेता सलीम कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ ऑनलाइन मीडिया चैनल के कर्मियों के आचरण की व्यापक आलोचना के बीच आई है।
सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर एक वीडियो साझा किया जा रहा है, जिसमें सलीम कुमार के बेटे चंदू अंतिम संस्कार के दौरान बेहतर फुटेज हासिल करने की कोशिश में कथित तौर पर धक्का-मुक्की करते हुए भीड़ में घुसे ऑनलाइन मीडिया कर्मियों से दूर जाने के लिए कहते दिखाई दे रहे हैं।
भाषा शुभम पारुल
पारुल

Facebook


